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खुलासा: विश्वविद्यालय के नाम से शिक्षक की फर्जी सत्यापन रिपोर्ट बनाकर भेजी गई बरेली

Thu, 01 Oct 2020 04:52 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के नाम से मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी), बरेली को शिक्षक की फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई है। विश्वविद्यालय का फर्जी लेटर पैड और पत्रांक संख्या का इस्तेमाल किया गया है। सहायक कुलसचिव का फर्जी हस्ताक्षर भी किया गया है। ऐसा एक नहीं, दो बार किया गया है। जेडी, बरेली को 23 सितंबर को फर्जी रिपोर्ट प्राप्त हुई। इससे पहले 31 जनवरी 2020 को भी फर्जी रिपोर्ट भेजी गई थी।

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इस प्रकरण में बड़ा सवाल यह है कि जेडी कार्यालय से मांगी गई सूचनाएं विश्वविद्यालय से लीक कौन कर रहा है। लेटर हेड, पत्रांक संख्या, विश्वविद्यालय के अधिकारियों का हस्ताक्षर भले ही सब फर्जी हैं, एक बात यह तय है कि जेडी कार्यालय से मांगी गोपनीय सूचना को लीक किया गया है। 


बरेली मंडल में तैनात शिक्षक तेजवीर सिंह के बीए और बीएड के प्रमाणपत्रों का दोबारा सत्यापन कराने के लिए जेडी बरेली प्रदीप कुमार की ओर से 22 जून को पत्र भेजा गया था। इस संबंध में 23 सितंबर को जेडी को विश्वविद्यालय की फर्जी सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त हुई। लेटर पैड पर विश्वविद्यालय का नाम (डॉ. भीमराव अम्बेदकर) लिखा है। जबकि नाम डॉ. भीमराव आंबेडकर लिखा जा रहा है। जानकारी करने पर पता चला कि पत्रांक संख्या भी फर्जी है।

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संदेह होने पर जेडी बरेली ने मांगी थी जानकारी

इससे पहले 31 जनवरी 2020 को भी विश्वविद्यालय के नाम से माध्यमिक शिक्षा निदेशक को फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेजी थी। संदेह होने पर जेडी, बरेली डॉ. प्रदीप कुमार ने विश्वविद्यालय से जानकारी प्राप्त की थी। उन्हें बताया गया कि सत्यापन रिपोर्ट फर्जी है। इस पर उन्होंने जून में दोबारा शिक्षक का सत्यापन कराने के लिए विवि को पत्र भेजा। विश्वविद्यालय ने अभी तक सत्यापन रिपोर्ट नहीं भेजी। रजिस्टर्ड डाक से फर्जी पत्र जरूर प्राप्त हुआ। जानकारी करने पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने पत्र को पूरी तरह फर्जी बताया।

तेजवीर नाम का कोई छात्र नहीं था कोर्स में : निदेशक आईटीएचएम

शिक्षक तेजवीर सिंह को स्नातक बीए वोकेशनल वर्ष 2008 में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण दिखाया गया है। पंजीकरण दाऊदयाल संस्थान दिखाया गया। जबकि यह पाठ्यक्रम वर्ष 2004 से ही आईटीएचएम संचालित कर रहा है। विश्वविद्यालय के किसी संबद्ध कॉलेज में भी यह पाठ्यक्रम नहीं है। आईटीएचएम के निदेशक प्रो. लवकुश मिश्रा ने जेडी की ओर से पूछने पर तेजवीर सिंह के बारे में संस्थान की ओर से रिपोर्ट भेजी है। यह बताया है कि इस नाम से कोई छात्र पाठ्यक्रम में पंजीकृत नहीं रहा है। 

बाहर से भेजी गई रिपोर्ट

कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल ने कहा कि जेडी बरेली को जो सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई है, उसके बारे में जानकारी की गई है। उस पर पत्रांक संख्या और लेटर पैड सभी फर्जी है। यह विश्वविद्यालय से नहीं भेजा गया है, कहीं बाहर से भेजा गया है। सत्यापन रिपोर्ट भेजने में देरी क्यों हुई, इसकी जानकारी की जाएगी और सही रिपोर्ट भेजी जाएगी। 
 
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