हाथरस रेप केस: आगरा में विरोध प्रदर्शन
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पुलिस सात दिन में चार्जशीट दाखिल करे, कोर्ट 10 दिन में फैसला सुनाए और महीने भर के भीतर दोषियों को फांसी पर लटका दिया जाए, तब ही दरिंदगी की घटनाओं पर कुछ रोक लग सकती है। अब वक्त आ गया है जब सरकार से लेकर अदालत तक महिला अपराध पर बेहद कठोर रुख अपनाकर कड़ा संदेश दें...। यह कहना है आगरा की महिलाओं का। उन्होंने कहा कि निर्भया की तरह यह मामला लंबा न खींचा जाए। दोषियों को जल्द कड़ी सजा दी जाए।
महिला अपराध के लिए अलग कोर्ट बने
समाजसेवी सुमन गोयल ने कहा कि जिस तेजी से महिलाओं के साथ वारदात हो रही हैं, उसे देखते हुए महिला अपराध के लिए अलग कोर्ट बनाई जानी चाहिए। ऐसा कानून बने कि दरिंदों को ज्यादा से ज्यादा दस दिन में सजा मिले, एकमहीने में फांसी हो जाए, तभी ऐसी घटनाएं रुक सकती हैं।
ऐसी सजा मिले, जो मिसाल बने
शिक्षिका डॉ. भानुप्रिया भास्कर ने कहा कि हाथरस की बेटी के साथ हुए दुष्कर्म ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जो देश में नारी सम्मान की रक्षा के लिए मिसाल बन सके।
घटना समाज के लिए कलंक
गृहिणा क्षमा सक्सेना ने कहा कि हाथरस जैसी वीभत्स घटना हमारे समाज के लिए कलंक है। दोषियों पर फैसला जल्द से जल्द हो, ताकि उनके जैसी सोच रखने वाले लोगों के मन में भय पैदा हो।
सख्त कदम उठाए सरकार
छात्रा दिव्या त्यागी ने कहा कि हाथरस की बिटिया के साथ हुई हैवानियत से एक बार फिर इंसानियत शर्मसार हुई है। युवतियों की सुरक्षा को लेकर सरकार को सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए। दोषियों को जल्द सजा हो।
दरिंदों की कोई पैरवी न करे
फैशन डिजाइनर प्रिया बंसल ने कहा कि हाथरस की अमानवीय घटना बहुत ही क्रूर मानसिकता का उदाहरण है। ऐसे लोगों को किसी को भी पैरवी नहीं करनी चाहिए। उनके मां बाप भी उन्हें बचाने की कोशिश न करें।
दोषियों को सख्त सजा मिले
समाजसेवी सुलभा लवानिया ने कहा कि एक ओर हम चांद और मंगल ग्रह तक पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं समाज में अभी भी हो रही है। दोषियों को सख्त सजा मिला। साथ ही सरकार भरोसा दिलाए कि महिलाएं सुरक्षित हैं।
अपराधियों को सबक मिले
मॉडल चेष्टा वरुण ने कहा कि जिस निर्दयता के साथ हाथरस की बेटी के साथ घटना को अंजाम दिया गया, उससे सभ्य समाज में किसी की भी रूह कांप जाएगी। इन दरिंदों को इतनी सख्त सजा मिले, जो अपराधियों को सबक दे।
दोषियों को फांसी ही बेटी को न्याय
व्यापारी पूजा बंसल ने कहा कि बलात्कार जैसा जघन्य कृत्य समाज के लिए एक कलंक है। अगर हम चाहते हैं कि भविष्य में इस तरह की घटना को दोहराया नहीं जाए, तो दोषियों को कड़ी सजा देनी होगी। ये ही बेटी को सच्चा न्याय होगा।
इंतजार न करे पुलिस
समाजसेवी सुमन सुराना ने कहा कि अक्सर देखा गया है कि दरिंदगी की बड़ी घटना हो जाने के बाद पुलिस हरकत में आती है। आखिर यह कब तक चलेगा। पुलिस को घटना का इंतजार नहीं करना चाहिए। कानून व्यवस्था में सुधार करके ऐसा माहौल बनाना होगा जिसमें किसी बेटी को डर न लगे।