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डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि: दो माह बाद बदल दिया गया परीक्षा परिणाम; भड़के विद्यार्थियों ने किया विरोध-प्रदर्शन

Fri, 27 Oct 2023 02:12 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि में दो माह बाद परीक्षा परिणाम बदल दिया गया। इससे भड़के विद्यार्थियों ने विरोध-प्रदर्शन किया। 
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि परीक्षा परिणाम बदलने पर भड़के विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के एक अजब कदम ने इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को मुश्किल में डाल दिया है। दो माह बाद परीक्षा का परिवर्तित परिणाम दिया गया है। इसमें विद्यार्थियों के सेमेस्टर ग्रेड प्वाइंट एवरेज (एसजीपीए) पहले से कम हो गए हैं। विश्वविद्यालय के इस कदम पर विद्यार्थी बृहस्पतिवार को भड़क गए। सुबह से शाम तक खंदारी परिसर में प्रदर्शन किया।

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विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के विद्यार्थियों का परिणाम पहले 22 अगस्त 2023 को जारी किया गया। विद्यार्थियों ने परिणाम की जानकारी परिजन को दे दी। अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने इंटरनेट की मार्कशीट के आधार पर नौकरियों में आवेदन भी कर दिया।

दो माह बाद 25 अक्तूबर को विश्वविद्यालय प्रशासन ने आईईटी के विद्यार्थियों का संशोधित परिणाम जारी किया। इसमें इंजीनियरिंग के सभी ब्रांचों के तृतीय वर्ष के अधिकतर विद्यार्थियों व बाकी सत्रों के विद्यार्थियों के भी टोटल प्वाइंट व एसजीपीए में परिवर्तन हो गया। इसे देख विद्यार्थियों के होश उड़ गए।

बदला हुआ परिणाम देख बड़ी संख्या में विद्यार्थी सुबह आईईटी पहुंचे। प्रवेश द्वार के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के पदाधिकारी भी पहुंच गए। आईईटी के प्रवेश द्वार पर विद्यार्थियों ने ताला लगा दिया। बाहर विरोध-प्रदर्शन करने लगे।

आईईटी के निदेशक प्रो. मनु प्रताप व बाकी शिक्षकों ने विद्यार्थियों व छात्र नेताओं से कहा कि मामले में छात्र हित में निर्णय लिया जाएगा। विद्यार्थी माने नहीं, वह पुराना परिणाम ही दिए जाने की मांग करने लगे। विरोध प्रदर्शन करने वालों में इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के अलावा एनएसयूआई के गौरव शर्मा, सतीश सिकरवार व कुलदीप दीक्षित शामिल रहे।

मुख्य द्वार को बंद किया

करीब दो घंटे आईईटी के बाहर प्रदर्शन करने के बाद विद्यार्थी खंदारी परिसर के मुख्य द्वार पर पहुंच गए। द्वार को बंद करा दिया। सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आईईटी के निदेशक ने यहां पहुंचकर भी विद्यार्थियों को समझाने की कोशिश की पर वह नहीं माने। परीक्षा नियंत्रक को बुलाने की मांग की।

कुलसचिव का घेराव किया

मुख्य द्वार बंद होने पर कुलसचिव आईबीएस की तरफ से गेस्ट हाउस में पहुंचे। उन्हें देखकर विद्यार्थियों ने गेस्ट हाउस का रुख किया। कुलसचिव का घेराव कर लिया। मौके पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश भी पहुंच गए। उन्हें मामले को परीक्षा समिति में रखे जाने का आश्वासन दिया। फिर बाद में संस्थान के पांचों ब्रांच के दो-दो विद्यार्थियों को बुलाकर उनकी एक्सेल सीट दिखाई गई। यह बताया कि उनके मूल अंक में बदलाव नहीं किया गया है। ग्रेड प्वाइंट ही बदला है।

नियमानुसार परिणाम जारी नहीं किया

आईईटी के निदेशक प्रो. मनु प्रताप का कहना है कि विद्यार्थियों को बुलाकर उनका परिणाम एक्सेल सीट पर दिखा दिया गया। वह परिणाम से संतुष्ट हुए। एसजीपीए में परिवर्तन एजेंसी की गलती से हुआ। एजेंसी को नियम परिणाम जारी करने से पहले ही उपलब्ध करा दिए गए थे, पहली बार जारी किए गए परिणाम में सही फार्मूला इस्तेमाल नहीं किया गया।
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यूं बदला परिणाम

तृतीय सेमेस्टर के एक विद्यार्थी को 22 अगस्त को जारी परिणाम में टोटल प्वाइंट 195 व एसजीपीए 8.48 मिला था। बदले परिणाम में टोटल प्वाइंट 174 और एसजीपीए 7.57 हो गया। वहीं, एक विद्यार्थी का पहले टोटल प्वाइंट 172 व एसजीपीए 7.82 था, बदले परिणाम में यह क्रमश: 163 व 7.41 हो गया।
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