उत्तर मध्य रेलवे का एटा स्टेशन केवल नाम का रेलवे स्टेशन है। यहां आगरा के बरहन से एक मात्र पैसेंजर ट्रेन आती है और जाती है। हालांकि लॉकडाउन से यह ट्रेन भी बंद पड़ी है। लोगों की मांग है यदि एटा को कासगंज रेलवे स्टेशन से जोड़ दिया जाए तो जिले का विकास रफ्तार पकड़ सकता है। यहां से लंबी दूरी की ट्रेनें चलने से व्यापार फलेगा-फूलेगा।
वर्ष 1959 में तत्कालीन भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने एटा रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया था। हालांकि उद्घाटन के 70 साल बाद भी रेलवे स्टेशन का विकास नहीं हो सका। यहां एकमात्र सवारी गाड़ी के अलावा केवल मालगाड़ियां आती हैं। लोगों की मांग है यदि एटा रेलवे स्टेशन को कासगंज रेलवे स्टेशन से जोड़ दिया जाए तो वाया टूंडला, एटा, कासगंज होते हुए लंबी दूरी की ट्रेनें यहां से गुजरेंगी तो आवागमन के साधन सुलभ होंगे और जिले का विकास रफ्तार पकड़ेगा।
लंबे संघर्ष से चल सकी ट्रेन
एटा से आगरा तक बंद पड़ी ट्रेन को चालू कराने के लिए लोगों को लंबा संघर्ष करना पड़ा। आंदोलन के दौरान समाजसेवी लोगों ने अपनी जेब से टिकट खरीदीं, जिससे रेलवे की आय बढ़े तो सवारी गाड़ी बदस्तूर चलती रहे।
- मेघावृत शास्त्री, समाजसेवी