फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला असर: आगरा में तालाब होंगे अतिक्रमण मुक्त, जिलाधिकारी ने बनाई कमेटी

Sun, 25 Oct 2020 11:53 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • एडीएम वित्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया, शहर में नगरायुक्त नामित करेंगे एक अधिकारी
विज्ञापन
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों से जमींदोज हुए तालाबों को उनके पुराने स्वरूप में लाने के लिए जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। तहसील स्तर पर एसडीएम और शहर में नगरायुक्त द्वारा नामित अधिकारी कमेटी में सदस्य होंगे।

विज्ञापन


अमर उजाला लगातार तालाबों पर कब्जों का मुद्दा उठा रहा है। इस पर अब जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर गठित कमेटी के अध्यक्ष एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार ने बताया सभी छह तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार एवं खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और नगर निगम की सीमा में नगरायुक्त द्वारा नामित अधिकारी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराएंगे। 


संबंधित खबर- अमर उजाला असर: अफसरों ने तालाबों के 26 कब्जेदारों की सूची बनाई, दर्ज होगा मुकदमा
विज्ञापन


नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। शहर और देहात में तालाबों को मुक्त कराने के लिए पुलिस व प्रशासनिक टीमें मिलकर कार्रवाई करेंगी। 1952 के राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक तालाबों का दोबारा पुराना स्वरूप बहाल कराया जाएगा। कमेटी तालाबों के पट्टों की भी जांच करेगी। 

जिले में 3700 से अधिक तालाब हैं। अकेले सदर तहसील में 450 तालाब हैं। इनमें 44 पर अतिक्रमण व अवैध कब्जे हैं। जबकि नगर निगम क्षेत्र में 47 तालाब हैं, इनमें 27 पर अवैध निर्माण व अतिक्रमण हो गए हैं। फतेहाबाद में 730 तालाब हैं। इस तरह खेरागढ़, एत्मादपुर, बाह और किरावली तहसील में प्रत्येक तालाब का सर्वे होगा। कमेटी हर छह माह बाद अतिक्रमण मुक्त कराए तालाबों की समीक्षा भी करेगी।

जहां हुए सार्वजनिक निर्माण, वहां खोदे जाएंगे नए तालाब

सदर तहसील क्षेत्र में अकोला में एक तालाब पर 1040 वर्ग मीटर में धर्मशाला बनी है। धनौली में 120 वर्ग मीटर में पंचायत घर, एक पंचायत घर हिगोट खेड़िया और एक पवावली में बना है। सरगनखेड़ा, विझामई और गामरी में तालाब की जमीन पर रास्ता बना है। 

संबंधित खबर- तालाबों पर कब्जा कर खड़ी कर दीं इमारतें, बारिश में सड़कें बन जाती हैं तालाब

तहसीलदार प्रेम पाल सिंह ने बताया जिन तालाबों की जमीन पर जितने क्षेत्रफल में सार्वजनिक उपयोग के निर्माण हुए हैं वहां उन ग्राम सभाओं में उतने क्षेत्रफल की 125% जमीन लेकर नए तालाब खोदे जाएंगे। इसके लिए उन ग्राम सभाओं से प्रस्ताव भी मांगे जा रहे हैं।
विज्ञापन

तालाबों के लिए लड़ रहे लड़ाई

सपोर्ट इंडिया वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष एवं अधिवक्ता सुरेश चंद सोनी भी उच्च न्यायालय में तालाबों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मैंने आगरा के तालाबों को लेकर एक जनहित याचिका 1474/2019 उच्च न्यायालय प्रयागराज में दायर की, जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया था। जिला प्रशासन अगर तालाबों को कब्जा मुक्त नहीं कराएगा तो न्यायालय की अवहेलना होगी। मैं इस संबंध में प्रार्थनापत्र देकर जिला मजिस्ट्रेट को पक्षकार बनाऊंगा।

संबंधित खबर- तालाब की जमीन को पाटकर खोल लिए शराब के ठेके, डीएम के आदेश के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें