जिले में 3700 से अधिक तालाब हैं। अकेले सदर तहसील में 450 तालाब हैं। इनमें 44 पर अतिक्रमण व अवैध कब्जे हैं। जबकि नगर निगम क्षेत्र में 47 तालाब हैं, इनमें 27 पर अवैध निर्माण व अतिक्रमण हो गए हैं। फतेहाबाद में 730 तालाब हैं। इस तरह खेरागढ़, एत्मादपुर, बाह और किरावली तहसील में प्रत्येक तालाब का सर्वे होगा। कमेटी हर छह माह बाद अतिक्रमण मुक्त कराए तालाबों की समीक्षा भी करेगी।
जहां हुए सार्वजनिक निर्माण, वहां खोदे जाएंगे नए तालाब
सदर तहसील क्षेत्र में अकोला में एक तालाब पर 1040 वर्ग मीटर में धर्मशाला बनी है। धनौली में 120 वर्ग मीटर में पंचायत घर, एक पंचायत घर हिगोट खेड़िया और एक पवावली में बना है। सरगनखेड़ा, विझामई और गामरी में तालाब की जमीन पर रास्ता बना है।
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तहसीलदार प्रेम पाल सिंह ने बताया जिन तालाबों की जमीन पर जितने क्षेत्रफल में सार्वजनिक उपयोग के निर्माण हुए हैं वहां उन ग्राम सभाओं में उतने क्षेत्रफल की 125% जमीन लेकर नए तालाब खोदे जाएंगे। इसके लिए उन ग्राम सभाओं से प्रस्ताव भी मांगे जा रहे हैं।
सपोर्ट इंडिया वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष एवं अधिवक्ता सुरेश चंद सोनी भी उच्च न्यायालय में तालाबों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मैंने आगरा के तालाबों को लेकर एक जनहित याचिका 1474/2019 उच्च न्यायालय प्रयागराज में दायर की, जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया था। जिला प्रशासन अगर तालाबों को कब्जा मुक्त नहीं कराएगा तो न्यायालय की अवहेलना होगी। मैं इस संबंध में प्रार्थनापत्र देकर जिला मजिस्ट्रेट को पक्षकार बनाऊंगा।
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