मथुरा जिले के 55 प्रत्याशियों की किस्मत अब ईवीएम में कैद हो गई है। किसका सितारा बुलंद होगा, इसका खुलासा 10 मार्च को मतगणना के दौरान पता चल जाएगा। हालांकि गुरुवार के मतदान ने बहुत कुछ स्थिति को स्पष्ट कर दी है। मथुरा, बलदेव और छाता में आमने-सामने की टक्कर देखने को मिली है तो गोवर्धन और मांट विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबला है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रथम चरण में बृहस्पतिवार को जनपद की सभी पांच विधानसभाओं के लिए मतदान हुआ। ठंड के प्रभाव के बावजूद मतदान का प्रतिशत अच्छा रहा है। इस बार कोरोना के कारण प्रत्याशियों के लिए बड़ी-बड़ी जनसभाएं नहीं हुई थी। डोर-टू-डोर के साथ ही रोड शो व रैली तक ही चुनाव प्रचार सीमित रहा। इससे किसी पार्टी के लिए कोई लहर नहीं दिखाई दी। वोटर साइलेंट दिखा। सुबह से लेकर शाम तक अधिकतर बूथों पर लाइन देखी गई।
जिले की वीआईपी तीन सीट मथुरा, छाता व मांट पर रोचक मुकाबला देखने को मिला है। मथुरा में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और कांग्रेस के चार बार के विधायक व विधान मंडल के पूर्व नेता प्रतीप माथुर में आमने सामने की टक्कर नजर आई। हालांकि सपा से देवेंद्र अग्रवाल और मांट में भाजपा से टिकट न मिलने से नाराज हुए बसपा प्रत्याशी एसके शर्मा भाजपा और कांग्रेस का खेल बिगाड़ने की कोशिश में दिखाई दिए।