मैनपुरी की रिपोर्ट पर चुनाव आयोग की नजर इसलिए भी है क्योंकि यहां से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव लड़ने की घोषणा की है। ऐसे में आयोग की मंशा ये जानने की है कि शिकायत सही है या नहीं।
सपा का मैनपुरी में है वर्चस्व
सपा का मैनपुरी में वर्चस्व जग जाहिर है। बीते चुनाव से पहले जहां चारों विधानसभा सीटें और एक संसदीय सीट सपा के खाते में रही है, तो वहीं बीते विस चुनाव में केवल भोगांव सीट पर ही भाजपा जीत सकी। ऐसे में सपा से जुड़े मामलों को लेकर मैनपुरी अहम है।