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आगरा: आठ महीने में अपनों के पास नहीं पहुंच पाई 'उज्ज्वला', ट्रेन में मां से बिछड़ गई थी मासूम

Thu, 17 Jun 2021 03:59 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आठ साल की बच्ची उज्ज्वला बिहार के मुजफ्फरपुर के गांव कांटी कोठिया की रहने वाली है। सितंबर 2020 में ट्रेन में सफर के दौरान वह अपनी मां से बिछड़ गई थी। तब से उज्जवला आगरा के राजकीय बाल गृह (शिशु) में रह रही है।
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राजकीय बाल गृह (शिशु) आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के राजकीय बाल गृह (शिशु) में रह रही आठ साल की उज्जवला (परिवर्तित नाम) आठ महीने बाद भी अपने परिजनों के पास नहीं पहुंच पाई है। वह सितंबर 2020 में ट्रेन में अपनी मां से बिछड़ गई थी। राजकीय बाल गृह (शिशु) विभाग द्वारा पुलिस अधीक्षक (अपराध) को पुलिस अभिरक्षा में उज्ज्वला को घर भेजने के लिए चार महीने पहले पत्र लिखा गया था। इस पर भी अभी कार्रवाई नहीं हुई है। 

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दिल्ली से मुजफ्फरपुर अपने गांव लौट रही उज्ज्वला की नींद जब टूटी, तो उसकी मां गीता देवी उसके साथ नहीं थीं। ललितपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी को जब आठ साल की उज्ज्वला रोती दिखाई दी, तो उससे पूछताछ की गई। काफी कोशिशों के बाद उज्ज्वला सिर्फ यह ही बता सकी कि वह मुजफ्फरपुर रहती है। 

ललितपुर में बाल कल्याण समिति ने उज्ज्वला को आगरा स्थित राजकीय बाल गृह भेज दिया। इस दौरान महफूज संस्था के समन्वयक नरेश पारस ने मुलाकात कर ललितपुर, आगरा और मुजफ्फरपुर में अधिकारियों से पत्राचार के माध्यम से संपर्क कर उसके घर पहुंचाने की राह आसान बनाई। राजकीय बाल गृह से  पुलिस अभिरक्षा में फरवरी में उसे उसकी मौसी के पास भेजने के लिए पत्र लिखा जा चुका है। इसके बाद भी वह अपने घर नहीं पहुंच सकी है।

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26 फरवरी को लिखा था पत्र
राजकीय बाल गृह (शिशु) के अधीक्षक विकास कुमार का कहना है कि हमारी ओर से उज्ज्वला को घर भेजने की प्रक्रिया की जा चुकी है। 26 फरवरी को पुलिस अधीक्षक (अपराध) को पुलिस अभिरक्षा में उज्ज्वला को घर भेजने के लिए पत्र भी लिखा गया था।

त्रासदी: पिता लापता, मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं 
महफूज संस्था के समन्वयक नरेश पारस बताते हैं कि जांच के बाद उज्ज्वला के घर का पता बिहार के मुजफ्फरपुर के गांव कांटी कोठिया का निकला है। उसके पिता कई वर्षों से लापता हैं और मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसकी मौसी उसे अपने घर रखना चाहती हैं। हालांकि, आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वह यहां उज्ज्वला को लेने नहीं आ सकती हैं। इसलिए हमारी कोशिश है कि हम अपने स्तर से उसे उसके मौसी के घर तक पहुंचा सकें।
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