पुलिस ने उनके कब्जे से स्मार्टफोन और लैपटॉप बरामद किए थे। पुलिस का दावा है कि जांच में पता चला कि पकड़े गए युवक सीएफआई के सदस्य हैं और विदेशों से फंडिंग कर देश में दंगा फैलाने की साजिश रच रहे थे। वे हाथरस भी इसी उद्देश्य से जा रहे थे।
इन सबूतों के मिलने के बाद पुलिस ने अगली कड़ी के रूप में उनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराकर जेल में भेज दिया। उधर, हिंसा भड़काने के लिए विदेशों से मिलने वाली धनराशि के खुलासे की जांच के लिए ईडी की टीम ने सोमवार को मथुरा में डेरा डाल दिया।
अस्थाई जेल में बंद सीएफआई के चार सदस्यों से पूछताछ के लिए ईडी की टीम ने सीजेएम कोर्ट में आवेदन किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। अदालत ने ईडी को आरोपियों से पूछताछ करने की अनुमति दे दी है। ईडी की 10 सदस्यीय टीम मथुरा में डेरा डाले हैं।
न्यायालय के सहायक अभियोजन अधिकारी जलज कुमार ने बताया कि ईडी की ओर से दो प्रार्थना पत्रों को कोर्ट ने मंजूरी दी गई है। एक पत्र में संदिग्धों से संबंधित सभी कागजात उपलब्ध कराने तथा दूसरे में जेल में कभी भी संदिग्धों से पूछताछ करने की मंजूरी मांगी गई थी।
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