आगरा। जन्माष्टमी पर रात 1.12 बजे आए भूकंप के झटके जिले में महसूस नहीं किए गए। भूकंप की दृष्टि से जोन-2 में आगरा से 334 किमी दूर बहराइच में केंद्र था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.9 दर्ज की गई। बहराइच में भी जमीन के 33 किमी नीचे इसका केंद्र रहा। करीब 200 किमी के दायरे में झटके महसूस किए गए। भूकंप विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप के झटकों से आगरा का क्षेत्र दूर रहा।
ताज पर तीन बार पड़ा है भूकंप का असर
इससे पहले तीन बार भूकंप के कारण दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल की इमारत को नुकसान पहुंचा है। हालांकि यह ज्यादा नहीं था। 25 अप्रैल 2015 को नेपाल में 7.9 तीव्रता के भूकंप से ताजमहल के प्रवेश द्वार के ब्लैक स्टोन और रेड स्टोन निकल गए थे। सिकंदरा स्मारक के गेट पर भी कई पत्थर निकल गए थे। वर्ष 1803 के भूकंप में ताज की मीनार में दरार आ गई थी। खादिम ने इसकी सूचना दी थी, जिस पर दरार में पिघली चांदी को भरा गया था। 15 जनवरी 1934 को आए भूकंप में शाही मस्जिद को क्षति पहुंची थी। पश्चिमी दीवार को नीचे से ऊपर तक नुकसान पहुंचा था। एएसआई की 1934-35 की रिपोर्ट में इसका ब्योरा है।