आगरा। ताजगंज थानाक्षेत्र के एक सामूहिक दुष्कर्म के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस जिसे तीसरा आरोपी बनाकर तलाश रही थी, उसे पीड़िता ने आरोपी मानने से इनकार कर दिया। शपथ पत्र देकर कहा है कि पुलिस जिसे खोज रही वह नामजद आरोपी देव नहीं है बल्कि देव कोई और है। इस मामले में बाह के ब्लाक प्रमुख सहित दो जेल में हैं।
थाना ताजगंज में खुर्जा निवासी एक युवती ने नौ जनवरी को सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बाह के ब्लाक प्रमुख लाल सिंह, देव और जितेंद्र को नामजद किया। लाल सिंह और जितेंद्र मौके पर पकड़े गए थे। जितेंद्र लाल सिंह का चालक है। पीड़िता ने तीसरे आरोपी देव का नाम लिया था। पुलिस ने लाल सिंह और जितेंद्र को जेल भेज दिया। मुकदमे में देव वांछित है। मामले में एससी-एसटी एक्ट की वृद्धि भी की गई। विवेचना तत्कालीन सीओ सदर राजीव कुमार ने की।
विवेचना में पुलिस ने तीसरे आरोपी देव की पहचान पिनाहट निवासी दिग्विजय सिंह के रूप में की। पुलिस ने गिरफ्तार न कर पाने पर कोर्ट से कुर्की पूर्व नोटिस ली। उसे आरोपी के घर पर चस्पा कराया। बाद में पीड़िता के प्रार्थनापत्र पर विवेचना सीओ खेरागढ़ महेश कुमार को स्थानांतरित की गई। पीड़िता ने अब पिछले दिनों फरार आरोपी दिग्विजय के पक्ष में शपथ पत्र दिया। इसमें कहा कि आरोपी के पिता उससे मिलने आए थे। उन्होंने बेटे की फोटो और वीडियो दिखाई। घटना में शामिल आरोपी वो नहीं था। इस पर वो शपथ पत्र दे रही है। आरोपी देव कोई और है। इसलिए इसका नाम निकाल दिया जाए।
सीओ खेरागढ़ महेश कुमार ने बताया कि केस में साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। पीड़िता का शपथ पत्र मिला है। इसमें पीड़िता ने कहा है कि जिस पर पुलिस कार्रवाई कर रही है, यह नामजद आरोपी देव नहीं है। मामले में विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।