उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में नशेबाज सोफ्टवेयर इंजीनियर ने पांच लोगों को कार से कुचल दिया। वहीं दो लोग घायल हुए। इसमें पुलिस ने पूर्व में जो धाराएं लगाईं, उससे आरोपी को जमानत मिल गई, जिसके बाद पुलिस ने धारा-105 बढ़ाई है।
आगरा के नगला बूढ़ी में पांच लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार आरोपी कार चालक नोएडा की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। पुलिस के अनुसार वो नशे में था और अंधाधुंध कार दौड़ाई। सात लोगों को उसने कार से रौंद दिया, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। आइये बताते हैं पुलिस ने पूर्व में कौन सी धाराएं लगाईं, जिससे उसे जमानत मिली और बाद में कौन सी धारा लगाई, जिससे वो फिर से जेल पहुंचा....
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नगला बूढ़ी में पांच लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंशुल गुप्ता उर्फ अंशु को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद केस दर्ज किया। लेकिन उस पर ऐसी धाराएं लगाईं गई, जिससे उसे जमानत मिल गई। फिर पुलिस धारा-105 बढ़ाने के बाद उसे जेल भिजवाया। बता दें धारा-105 में सजा के कड़े प्रावधान हैं।
बाद में पुलिस ने बढ़ाई धारा
- धारा 105 में 10 साल की सजा, गैरजमानती धारा, हत्या की कोटि में न आने वाला आपराधिक मानव वध कार्य, मृत्यु करने के आशय से किया गया हो ये जानते हुए भी कि मृत्यु संभव है।
बीएनएस की किस धारा में कितनी सजा
अधिवक्ता अनूप कुमार शर्मा ने बताया कि पहले मुकदमे में पुलिस ने 7 साल से कम की सजा वाली धाराओं में कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया था। उनमें यह सजा का प्रावधान था।
- धारा 281 में 6 महीने की सजा, आरोप पब्लिक पैलेस पर लापरवाही से वाहन चलाना
- धारा 125ए में 6 महीने की सजा 5 हजार जुर्माना, आरोप उपहति कारित मतलब नुकसान होना
- धारा 125बी में 3 साल सजा 10 हजार जुर्माना ज्यादा उपहति मतलब ज्यादा नुकसान करना
- धारा 106(1) में 5 साल सजा आरोप जानते हुए कि इस लापरवाही से जानमाल का नुकसान हो सकता है, फिर भी लापरवाही करना