निजी अस्पताल की जांच में पता चला कि महिला का प्रसव कराते समय लापरवाही हुई, जिससे मूत्र नली कटकर शौच क्रिया नली एक हो गई है। पीड़ित जब इसकी शिकायत घिरोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ से की तो उन्होंने अनिल के फर्जी हस्ताक्षर करके मर्जी से मरीज को अस्पताल से ले जाने का लेटर थमा दिया। अब पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घिरोर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि शिकायती पत्र मिला है, जिसकी जांच कराई जाएगी। जांच में मामला सही पाया जाता है तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।