दोबारा नहीं बन सकता है लाइसेंस
एक बार ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद दोबारा उस व्यक्ति का लाइसेंस नहीं बन सकता है। एक से दो माह में लाइसेंस न मिलने पर आवेदक कार्यालय से संपर्क करते है। उनको कोई जानकारी नहीं मिलती है, तो वह दलाल के माध्यम से डुप्लीकेट लाइसेंस का आवेदन कर देते हैं क्योंकि नए लाइसेंस का आवेदन कंप्यूटर नहीं लेता है।
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कार्यालय से ले जातें हैं लाइसेंस
आरआई (प्रशासन) उमेश कटियार ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस पर आवेदक की तरफ से ऑनलाइन पता दर्ज कराया जाता है। पता न मिलने की वजह से काफी संख्या में लाइसेंस लखनऊ वापस लौट जाते हैं। जब आगरा कार्यालय से कोई कर्मचारी तीन या चार माह में लखनऊ जाता है, तो वहां से लाइसेंस ले आता है। कार्यालय से भी लोग अपने लाइसेंस ले जाते हैं।