उत्तर प्रदेश के आगरा में कई आवेदक डेढ़ साल से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए संभागीय परिवहन विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। उनका लाइसेंस लखनऊ से बनकर नहीं आया। ड्राइविंग लाइसेंस लखनऊ से प्रिंट होकर आता है। अधिकारियों का कहना है कि वहां से लाइसेंस के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
सारथी सॉफ्टवेयर में एक बार डाटा फीड होने के बाद आवेदक दोबारा ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं कर सकता है। उसके सामने डुप्लीकेट लाइसेंस का विकल्प बचता है। काफी संख्या में आवेदकों ने डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ही आवेदन किया है।
29 नवंबर 2022 को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया। आरटीओ स्तर की सभी प्रक्रिया पूरी कर दी गई। 15 दिन के अंदर घर पर लाइसेंस आने की जानकारी दी गई। डेढ़ साल से अधिक का समय गुजर गया है, लाइसेंस बनकर नहीं आया है। आरटीओ कार्यालय के कई चक्कर लगा चुकी हूं लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। लखनऊ से साॅफ्टवेयर खराब होने के कारण डाटा उड़ना बताया जा रहा है। -निधि छाबड़ा, आवेदक
12 से अधिक शिकायती पत्र जमा करा चुका हूं लेकिन अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही। आरटीओ अधिकारी लखनऊ से काम होने की कहते हैं। लखनऊ में कहां पर संपर्क करना है, कोई जानकारी नहीं मिलती। लाइसेंस वाले टोल फ्री नंबर पर भी शिकायत दर्ज की लेकिन समाधान नहीं हुआ। सितंबर 2022 में आवेदन किया था। उसके बाद से ड्राइविंग लाइसेंस का इंतजार बना हुआ है। -विनीत कुमार, आवेदक