डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध 995 राजकीय, एडेड और स्ववित्तपोषित कॉलेजों में से महज 20 के पास मौजूदा समय में नेशनल असेसमेंट एंड अक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) की ग्रेडिंग है। जबकि सभी कॉलेजों के लिए नैक टीम का निरीक्षण कराना और ग्रेडिंग प्राप्त करना अनिवार्य है। चालू वित्तीय वर्ष में कॉलेजों को प्रेरित करने व प्रशिक्षण के लिए बजट भी नहीं आया है।
विश्वविद्यालय को प्रति वर्ष दो लाख रुपये कार्यशाला आयोजन के लिए मिलता था। इससे प्रत्येक चार माह में कार्यशाला का आयोजन कर नैक टीम का निरीक्षण कराने के लिए संबद्ध कॉलेजों को प्रेरित और प्रशिक्षित करना होता था। विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी के सचिव प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश सरकार की ओर से बजट नहीं दिया गया है। कारण, कोरोना संक्रमण को बताया जा रहा है। अंतिम कार्यशाला दिसंबर 2019 में आयोजित की गई थी। इसमें करीब 150 स्ववित्तपोषित कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।
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एक भी राजकीय कॉलेज के पास नैक की ग्रेडिंग नहीं
विश्वविद्यालय के आंकड़े के मुताबिक 16 में से एक भी राजकीय कॉलेज के पास नैक की ग्रेडिंग नहीं है। अभी तक महज एक कॉलेज ने नैक टीम का निरीक्षण अपने यहां कराया है। वहीं, संबद्ध 39 एडेड कॉलेजों में से 15 ने एक बार नैक टीम का निरीक्षण कराया। इस समय महज 10 कॉलेजों के पास नैक की ग्रेडिंग है। स्ववित्तपोषित कॉलेजों की संख्या 940 है, इसमें से 35 ने एक बार नैक टीम का निरीक्षण अपने यहां कराया। वर्तमान में 10 कॉलेजों के पास ग्रेडिंग है। नैक की ग्रेडिंग वैधता पांच वर्ष की होती है। इसके समाप्त होने के बाद फिर से नैक टीम का निरीक्षण कराना होता है।