आनंद शंकर ने मुकदमे में कहा था कि यदि विश्वविद्यालय समय पर उपाधि प्रदान कर देता तो वह किसी महाविद्यालय में नौकरी प्राप्त कर लेते। मुकदमे के दौरान आनंद शंकर शर्मा की मृत्यु हो गई। वादी की ओर से पैरवी अधिवक्ता लक्ष्मी चंद बंसल ने की।
विश्वविद्यालय की ओर से कोई जवाब नहीं आया। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ, सदस्य नेत्रपाल सिंह और सोनाली सिंह राठौर ने वादी की पत्नी संगीता शर्मा को दो लाख रुपये मय छह प्रतिशत मय ब्याज 60 दिन के अंदर अदा करने के आदेश किए। वहीं जांच कराने के आदेश किए।
आदेश का अनुपालन कराएंगे
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक राय ने बताया कि डिग्री 26 साल तक क्यों लंबित रही, इस संबंध में जानकारी की जाएगी। कोर्ट ने जो भी आदेश दिया है, उसका अनुपालन कराया जाएगा।