इंस्पेक्टर ने बताया कि नगर निगम की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि स्पार्क ग्लोबल कंपनी को साकेत और गांधीनगर से कूड़ा उठाना था। कंपनी ने दावा किया था कि 2019 के मई में 1,45,371 और फिर जून में भी इतने ही घरों से कूड़ा उठाया। निगम की जांच में पाया गया कि मई में सिर्फ 7.2 फीसदी (10,467 घर) और जून में 9.43 फीसदी (13,708 घरों) से कूड़ा उठाया गया।
10 दिन में एक ने भी बयान दर्ज नहीं कराया
पुलिस ने 13 जुलाई को चारों कंपनियों के अधिकारियों को नोटिस जारी कर उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि अब तक एक भी नहीं आया है। नगर आयुक्त से पूछा था कि कंपनियों के फर्जी बिल किन-किन कर्मचारियों और अधिकारियों ने पास किए। उनके भी नाम नहीं मिले हैं। पुलिस टीम अगले सप्ताह झांसी और ग्वालियर जाकर बयान दर्ज करेगी।
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