मैनपुरी। धर्म मजबूरी से नहीं मजबूती से आत्मसात करो। यह बात मुनिश्री 108 विहसंत सागर जी महाराज ने प्रवचन में कही। वहीं मुनिश्री 108 विश्व सूर्य सागर महाराज ने कहा कि धन्य होते है, वे लोग जिनके जीवन की हर बात देवशास्त्र गुरु से शुरू और वही पर खत्म होती है।
मुनिश्री विहसंत सागर महाराज के सानिध्य में भगवान शांतिनाथ प्रभु का पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद नित्य नियम पूजन किया गया। सर्वतोभद्र में गुरु द्वय की आहार चर्या संपन्न हुई। सामयिक और स्वाध्याय के बाद भव्य संगीत मय गुरु पूजा का आयोजन डॉ. सुशील जैन के परिवार की ओर से किया गया। पूजा के बाद बाद मुनिश्री का विहार करहल की ओर हुआ।
नगर भ्रमण के दौरान भांवत चौराहे पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने गुरु वंदना की और गुरुजी का आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमोद कमल, राजीव, अभिषेक, शुभम, अक्षत, प्रेमनाथ, हेमंत, बॉबी, नीरज, ध्रुव आदि का सराहनीय सहयोग रहा।
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नवग्रह शांति विधान कल
करहल। नगर के पुराना थाना रोड स्थित श्री दिगंबर जैन पाशर्वनाथ जिनालय नसियाजी में स्व. सुशील चंद्र जैन की स्मृति में नौ जुलाई को नवग्रह शांति विधान का आयोजन किया जाएगा। विशाल जैन रपरिया ने बताया कि सुबह सात बजे जिनअभिषेक के बाद नवग्रह विधान आचार्य संजय जैन द्वारा कराया जाएगा।