'24 घंटे में एआरवी लगवाना जरूरी'
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि कुत्ता-बंदर काटने के 24 घंटे के अंदर एंटी रैबीज वैक्सीन का पहला इंजेक्शन जरूर लगवा लेना चाहिए। कुत्ता काटने के बाद उसकी 10 दिन तक निगरानी करें, अगर वह मर जाता है तो चिकित्सक की ओर से तय सभी टीके समय पर लगवाएं। अगर कुत्ता नहीं मरता तो पहली डोज से ही रैबीज का खतरा नहीं रहता।
ये करें:
- कुत्ता-बंदर काटने पर तत्काल नल की तेज धार से घाव को धोएं।
- घाव को साबुन या एंटीसेप्टिक लिक्विड से अच्छी तरह साफ करें।
- घाव पर नमक-मिर्च समेत अन्य कोई मलहम कतई न लगाएं।
- चिकित्सक को दिखाएं और एआरवी लगवाने में देरी न करें।
केस एक:
यमुना ब्रिज के संतोष बाबू ने बताया कि उनके 14 साल का बेटा पास की ही गली में दुकान से खाने का सामान लेकर आ रहा था। उसके पीछे दो कुत्ते पड़ गए। पैर में काटा, पड़ोसियों ने दौड़कर बच्चे को बचाया। यहां एक साथ तीन से पांच कुत्ते घूमते हैं।
केस दो:
मोती कटरा निवासी बृजेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी छत पर कपड़े सुखाने गई। इस पर बंदर ने झपट्टा मार दिया। हाथ पर बंदर ने काटा। चिल्लाने पर छत पर जाकर बंदर को भगाया। तत्काल निजी अस्पताल में जाकर एआरवी लगवाया।