आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर डॉक्टरों की संवेदनहीनता सामने आई है। हादसे में घायल युवक 10 घंटे तक इमरजेंसी में तड़पता रहा, लेकिन कोई भी डॉक्टर उसे देखने तक नहीं आया। परिजन डॉक्टर से मिन्नतें करते रहे, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा।
हद तो तब हो गई, जब जूनियर डॉक्टरों ने सुबह जबरन मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। परिजनों ने प्राचार्य से मामले की शिकायत की। इसके बाद बाद मरीज को दोबारा भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। वहीं शिकायत से नाराज जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदार से अभद्रता कर दी।
एटा निवासी ताराचंद (55) सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद शुक्रवार की शाम को एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। तीमारदारों का आरोप है कि सिर में गंभीर चोट लगी थी, लेकिन रात में विशेषज्ञ चिकित्सक देखने तक नहीं आए।