सजगता, बचाव और उचित इलाज। संक्रमण से घबराएं नहीं, इन तीन हथियारों से उसे मात दें। घबराएं तो कतई नहीं। ऑक्सीमीटर से अपना ऑक्सीजन का स्तर मापते रहें। काफी समय पेट के बल लेटकर बिताएं। इससे आपका शरीर अधिक ऑक्सीजन ले पाएगा। चिकित्सक से फोन पर परामर्श लेकर घर पर भी इलाज करा सकते हैं। कोरोना संक्रमण से संघर्ष के लिए आगरा के डॉ. प्रशांत गुप्ता की यह सलाह है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ सर्जरी में प्रोफेसर और कोविड सुपरिंटेंडेंट डॉ. प्रशांत का कहना है कि संक्रमण का इलाज है तो घबराएं क्यों। घबराहट हमारे इम्यून सिस्टम को भी प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बेड नहीं होने की खबरों से चिंतित न हों।
गंभीरता के आधार पर तीन वर्ग में बांटे गए कोरोना मरीज
संक्रमण होने पर गंभीर मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता है। गंभीरता के आधार मरीजों की तीन वर्ग निर्धारित किए गए हैं-एल 1, एल 2, एल 3। एल 1 वर्ग के मरीज होम आइसोलेशन रहकर इलाज करा सकते हैं। तो गंभीर हालत नहीं है तो फोन पर डॉक्टर से संपर्क कर घर में ही इलाज कराएं।