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जिला अस्पताल में नहीं अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था भटक रहे मरीज

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मैनपुरी। जिला अस्पताल में इलाज भले ही फ्री हो पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। गर्मी बढ़ने से पेट दर्द और संक्रमण के मरीज बढ़े हैं। ऐसे में डॉक्टर अल्ट्रासाउंड जांच अधिक लिख रहे हैं। गरीब आठ सौ से 12 रुपये तक होने वाली जांच से तौबा कर उठे हैं। तीमारदार बगैर जांच कराए ही मरीज को दवाएं दिलाकर ले जाते हैं।
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जिला अस्पताल में सात साल से रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। इसके चलते अल्ट्रासाउंड मशीन बंद पड़ी हुई है। बीच में एक महिला रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हुई भी लेकिन उन्होंने एक भी दिन काम नहीं किया। वे अपना स्थानांतरण आगरा करा ले गईं। जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों की डॉक्टर अल्ट्रसाउंड जांच लिखते हैं। मरीजों का बाहर से जांच करानी पड़ रही है। निर्धन परिवार के लोग आठ से 12 सौ रुपये के बीच होने वाली अल्ट्रासाउंड जांच नहीं करा पाते हैं। मजबूरी में बिना जांच के दवा लेकर लौट जाते हैं।
बुधवार को 30 की जांच
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. जेजे राम और सर्जन डॉ. गौरव पारिक बताते हैं कि अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 40 मरीज ऐसेे पहुंचते हैं जिनकी अल्ट्रासाउंड जांच करानी पड़ती है। बुधवार को 30 मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई।
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रुपये नहीं हैं, बाद में जांच कराएंगे
मां रामकुमारी के पेट में दर्द है। डॉक्टर ने एक्सरे बताया, करा लिया अब अल्ट्रासाउंड बताया है। बाहर 1200 रुपये मांग रहा है। मैं तो सरकारी अस्पताल में उपचार कराने आया था, इतने रुपये लेकर नहीं आया। बाद में आकर जांच कराएंगे।
ध्रुव कुमार, रठेरा
डॉक्टर की तैनाती हो
मेरा बेटा आशु बीमार है। डॉक्टर ने अल्ट्रसाउंड कराने की सलाह दी। बाहर से कराने के लिए 800 रुपये लेकर नहीं आया, अब बाद में आकर ही अल्ट्रासाउंड कराऊंगा। अस्पताल में जब मशीन है तो डॉक्टर की व्यवस्था भी होनी चाहिए।
विजेंद्र सिंह, भांवत रोड
रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए कई बार मांग पत्र भेजा गया है। एक बार फिर से मांग की जा रही है। रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में अल्ट्रासाउंड जांच हो पाना संभव नहीं है।
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डॉ. अरविंद कुमार गर्ग, सीएमएस
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