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आगरा: शादी के दो महीने बाद पति-पत्नी के बीच झगड़ा, पत्नी की व्हाट्सएप चैट में लिखा था, सामान समेटकर आ जाओ...

Mon, 28 Jun 2021 10:51 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

युवक बदायूं का रहने वाला है, जबकि युवती आगरा की है। दोनों की शादी को दो महीने हुए हैं। युवती ने पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया। इसमें कहा कि शादी के दस दिन बाद ही पति ने मारपीट शुरू कर दी
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पीड़िता (सांकेतिर तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शादी के दो महीने बाद ही पति-पत्नी के बीच झगड़ा शुरू हो गया। पत्नी का आरोप है कि पति मारपीट करता है। दस लाख रुपये की मांग कर रहा है। वहीं पति का आरोप है कि पत्नी बिना बात पर झगड़ा करती है। उसने एक दिन उसके व्हाट्सएप चैट में देखा कि मायके वाले उसे ससुराल से सामान लेकर घर आने की कह रहे हैं। उन्होंने ही घर बिगाड़ा है। यह मामला रविवार को परिवार परामर्श केंद्र में आया। मगर, समझौता नहीं होने पर तारीख दी गई है।

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युवक बदायूं का रहने वाला है, जबकि युवती आगरा की है। दोनों की शादी को दो महीने हुए हैं। युवती ने पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया। इसमें कहा कि शादी के दस दिन बाद ही पति ने मारपीट शुरू कर दी। उससे दस लाख रुपये मायके से लेकर आने का दबाव बनाने लगा। मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा। पुलिस ने पति को रविवार को बुलाया। पति का कहना था कि शादी के दस दिन बाद ही पत्नी का व्यवहार बदल गया। वह बात-बात पर झगड़ा करती। पहले समझ नहीं आ रहा था कि क्या बात है। इस पर उन्होंने पत्नी के मोबाइल को चेक किया। उसकी व्हाट्सएप चैट देखी।

मायके वालों के मोबाइल नंबर से चैटिंग में लिखा था कि जल्दी से सामान समेटकर आ जाओ, मैसेज डिलीट कर देना। इसका मतलब वो समझ नहीं पाए। इस पर उन्होंने पत्नी से पूछा। इस पर उसका व्यवहार और बदल गया। पत्नी मायके चली गई। तब से आई नहीं है। वह उसे साथ रखना चाहता है। मारपीट और दहेज की मांग का आरोप गलत है। काउंसलर ने दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। इस पर दोनों को अगली तारीख पर बुलाया है। केंद्र प्रभारी कमर सुल्ताना का कहना था कि मामले में काउंसिलिंग के बाद समझौते के प्रयास किए जाएंगे।

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छह महीने में आए 400 मामले
परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी कमर सुल्ताना का कहना है कि केंद्र में छह महीने में 400 मामले पुलिस के पास पहुंचे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 300 शिकायत दहेज उत्पीड़न और पति की मारपीट की हैं। इसमें 60 फीसदी मामलों में मामूली विवाद निकलकर आया है। इनमें समझौते के प्रयास किए गए। वहीं 50 मामलों में घर खर्च पर झगड़े की बात सामने आई है। इसके अलावा बाकी मामलों में मोबाइल, बात नहीं करने, शराब पीने को लेकर शिकायत थीं। इनमें से 200 मामले निस्तारित हो चुके हैं। 25 मामलों में मुकदमे भी दर्ज कराए गए। 

लॉक डाउन में बढ़ गए पति-पत्नी के बीच झगड़े
काउंसलर डॉ. अमित गौड़ का कहना है कि लॉकडाउन में पति-पत्नी के बीच झगड़े के ज्यादा मामले सामने आए। इसमें पति की नौकरी या काम नहीं होना प्रमुख वजह बनी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार में झगड़े सामने आए। इसके अलावा पति-पत्नी के बीच मन नहीं मिलने से भी झगड़ हुए। पति-पत्नी के बीच मोबाइल में ज्यादा व्यस्त रहने से भी झगड़े हुए। ऐसे मामलों में दंपती को समझाया जाता है। काउंसिलिंग की जाती है। 

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