छह महीने में आए 400 मामले
परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी कमर सुल्ताना का कहना है कि केंद्र में छह महीने में 400 मामले पुलिस के पास पहुंचे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 300 शिकायत दहेज उत्पीड़न और पति की मारपीट की हैं। इसमें 60 फीसदी मामलों में मामूली विवाद निकलकर आया है। इनमें समझौते के प्रयास किए गए। वहीं 50 मामलों में घर खर्च पर झगड़े की बात सामने आई है। इसके अलावा बाकी मामलों में मोबाइल, बात नहीं करने, शराब पीने को लेकर शिकायत थीं। इनमें से 200 मामले निस्तारित हो चुके हैं। 25 मामलों में मुकदमे भी दर्ज कराए गए।
लॉक डाउन में बढ़ गए पति-पत्नी के बीच झगड़े
काउंसलर डॉ. अमित गौड़ का कहना है कि लॉकडाउन में पति-पत्नी के बीच झगड़े के ज्यादा मामले सामने आए। इसमें पति की नौकरी या काम नहीं होना प्रमुख वजह बनी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार में झगड़े सामने आए। इसके अलावा पति-पत्नी के बीच मन नहीं मिलने से भी झगड़ हुए। पति-पत्नी के बीच मोबाइल में ज्यादा व्यस्त रहने से भी झगड़े हुए। ऐसे मामलों में दंपती को समझाया जाता है। काउंसिलिंग की जाती है।
आगरा: शीतगृह मालिक के इकलौते बेटे की अगवा कर हत्या, आरोपियों ने पीपीई किट में शव जलाया
एक्सक्लूसिव: कोरोना संक्रमण से गड़बड़ाए हार्मोंस, अनियंत्रित हुई माहवारी, हल्की दाढ़ी मूंछ भी उगीं, एसएन में हुई स्टडी