चंबल के बीहड़ में आतंक का पर्याय 85 हजार के ईनामी डकैत धारा सिंह को आगरा एसटीएफ ने अहमदाबाद से दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद तीन राज्यों की पुलिस ने राहत की सांस ली। धारा अपहरण और हत्या के मामलों में वांछित था। 15 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। बीहड़ में उसका बड़ा नेटवर्क है। दो साल से एसटीएफ उसकी धरपकड़ की कोशिश में लगी थी।
मूलरूप से थाना इरादतनगर के गांव डूडीपुरा निवासी धारा उर्फ सुरेंद्र उर्फ विजय सिंह पुत्र भोगीराम पर यूपी सरकार ने 50 हजार, एमपी ने 25 हजार और राजस्थान सरकार ने दस हजार रुपये का इनाम घोषित है। तीनों राज्यों की पुलिस धारा की तलाश में लगीं थीं। धारा के अहमदाबाद में छिपे होने की जानकारी पर आगरा एसटीएफ की टीम ने 15 दिन पहले वहां डेरा डाल लिया। टीम को पता चला कि धारा किसी कारोबारी का अपहरण करके तीन करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने की तैयारी कर रहा है। अपहरण के बाद अपहृत को चंबल के बीहड़ में लाया जाएगा। इस पर एसटीएफ ने धरपकड़ के लिए जाल बिछाया। गुरुवार शाम को अहमदाबाद के थाना रामोल स्थित वस्त्राल बेरा के पास से धारा को दबोच लिया। शुक्रवार को टीम उसे आगरा ले आई।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी उप्र) राजेश कुमार सिंह ने बताया कि धारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मोस्टवांटेड अपराधी है। उस पर हत्या, डकैती, लूट, अपहरण के 15 मुकदमे आगरा, एमपी और राजस्थान के थानों मेें दर्ज हैं। धारा अपनी पहचान छुपाने के लिए अहमदाबाद में अमूल कंपनी में नौकरी कर रहा था।
आगरा के अलावा मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी धारा का आतंक रहा है। गैंग के साथ चंबल के बीहड़ में नेटवर्क तैयार कर रखा था। वह अपनी पकड़ को भी चंबल के बीहड़ में फैले रिश्तेदारों के पास ही रखता था। एसटीएफ की टीम में अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसआई आनंद प्रकाश, मुख्य आरक्षी राकेश कुमार यादव व आरक्षी राकेश चाहर, अरविंद सिंह राना शामिल रहे। गिरफ्तारी करने वाली टीम को डीजीपी की ओर से 25 हजार और आईजी एसटीएफ की ओर से 10 हजार का इनाम दिया गया।