धनतेरस की पूजा का समय शाम 7: 17 से लेकर 9:14 तक अति शुभ रहेगा। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि समुद्र मंथन से 14 रत्न के रूप में भगवान धनवंतरि प्रकट हुए जो हाथों में अमृत कलश लिए हुए थे। धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी का प्राकट्य पर्व मनाने का विधान है। रविवार उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र सर्वार्थ सिद्धि योग दिन भर व अमृत सिद्धि योग 2:33 दोपहर से लेकर रात्रि तक रहेगा।