पुराने किलों, महलों व धर्मस्थलों पर बजेंगी शादी की शहनाइयां
. वेडिंग कॉनक्लेव में बोले महानिदेशक मुकेश मेश्राम राजस्थान की तरह वेडिंग डेस्टिनेशन नया हब बनेगा उत्तर प्रदेश, आगरा को बताया प्रणय गाथा का केंद्र बिंदु
माई सिटी रिपोर्टर
आगरा। सात जन्मों के बंधन को यादगार बनाने के लिए वेटिंग डेस्टिनेशन का राजस्थान की तरह उत्तर प्रदेश नया हब बनेगा। यहां पुराने ऐतिहासिक किलों, महलों व पवित्र धर्मस्थलों पर शादी की शहनाइयां बजेंगी। दुनिया भर से विदेशी व देसी जोड़ें भारतीय रीति रिवाज में धार्मिक व पौराणिक स्थलों पर शादियां करेंगे। इसके लिए यूपी में 100 पुराने टूटे किलों, महलों को चिन्हित किया है। जिनका पुनरुद्धार किया जाएगा। शादियों कराया जाएगा। ये कहना है उत्तर प्रदेश के पर्यटन महानिदेशक मुकेश मेश्राम का। उन्होंने शनिवार को आगरा एक होटल में आयोजित वेडिंग कॉनक्लेव में कहा कि यूपी में देश में सबसे ज्यादा कारीब 32 करोड़ पर्यटक पिछले साल आए हैं। यूपी में कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है। एक्सप्रेस वे बना गए हैं। इंटरनेशनल व डोमेस्टिक एयरपोर्ट पर काम चल रहा। हेलीकॉप्टर सेवा के लिए हेलीपोर्ट आगरा व मथुरा में शूरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी में एक वॉटरवेज अथॉरिटी का गठन जल्द होने जा रहा है। बिजनौर से बलिया तक 27 जिलों में होकर गंगा नदी बहती है। पुराने समय में जलमार्गों से आवाजाही होती थी। गंगा नदी में वाटर क्रूज, छोटे शिप, कम पानी की गहराई चलने वाले जहाज चलेंगे। पर्यटन के साथ-साथ डेस्टिनेशन वेडिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आगरा प्रणय गाथा का केंद्र बिंदु रहा है। प्रत्येक व्यक्ति श्री कृष्ण की शरण में जाकर आशीर्वाद लेना चाहता है। डेस्टिनेशन वेडिंग से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। क्योंकि शादियों में अच्छा खासा खर्चा होता है। उन्होंने कहा आगरा में एयरपोर्ट के विस्तार के लिए अगले माह कैबिनेट में प्रस्ताव आएगा।