गुरुद्वारा में उपमुख्यमंत्री, साथ में अन्य लोग
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उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सोमवार शाम गुरुद्वारा, गुरु का ताल में मत्था टेका। कश्मीर या बाहर के जो आतंकी दुनिया, खासतौर पर देश और प्रदेश में आतंकवाद के बारे में सोचते हैं, उनको कहीं पनाह और समर्थन न मिले, इसके लिए अरदास भी की।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस देश की संरचना में सिख समाज का बड़ा योगदान रहा है। कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए गुरुओं के बलिदान को याद किया जाता है। दुनिया में कहीं चले जाइए, सिख समाज का व्यक्ति दिखाई दे जाएगा। कोई भी सिख भीख मांगते नहीं दिखेगा। जो गुरु में सच्ची श्रद्धा रखता है, वह अपने आप में आत्मबल पैदा कर लेता है।
उन्होंने बताया कि वो लखनऊ में चुनाव लड़ रहे थे, एक बार निराशा का भाव आया। नाका गुरुद्वारे पर माथा टेका, फिर लगा कि उनसे कोई जीत नहीं सकता। तब से हर त्योहार पर गुरुद्वारे जाता हूं। 23 को प्रकाश उत्सव पर उन्हें गुरु का ताल गुरुद्वारे में बुलाया गया था। उस दिन दूसरे कार्यक्रम में जाना है। इसलिए पहले माथा टेकने पहुंचे।
गुरुमुखी भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा
सिख समाज ने गुरुमुखी भाषा को विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने के संबंध में उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को ज्ञापन दिया गया। इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धार्थनगर स्थित विश्वविद्यालय से इसकी शुरूआत की जा रही है। आगामी सत्र में गुरुमुखी भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। बाद में सभी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
गुरु सिख वेलफेयर एसोसिएशन ने पाकिस्तान स्थित करतारपुर कॉरिडोर खुलवाने के संबंध में ज्ञापन दिया। प्रधानमंत्री तक समाज की मांग पहुंचाने के लिए कहा। समाज की ओर से सिख गुरुओं के नाम से प्रदेश में अवार्ड दिए जाने आदि मांगे रखी गईं। रविंद्र पाल सिंह टिम्मा, श्याम भोजवानी, हरपाल सिंह आदि ने ज्ञापन दिया।
गुरुद्वारे के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह ने उपमुख्यमंत्री को सरोपा और तलवार भेंट की। विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने आगरा में स्थित एतिहासिक गुरुद्वारों के बारे में जानकारी दी। गुरुद्वारा गुरु का ताल में हो रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में भाजपा के जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया, शहर अध्यक्ष विजय शिवहरे, पूर्व सांसद प्रभु दयाल कठेरिया, गुरुद्वारे के मीडिया प्रभारी गुरनाम सिंह, समन्वयक बंटी ग्रोवर, प्रीती उपाध्याय, कंवलदीप सिंह, रानी सिंह, परमिंदर सिंह आदि की मौजूदगी रहीं।