आगरा में डेंगू ने दस्तक दे दी है। छह माह के बच्चे को डेंगू हुआ है। इसका इलाज प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है, लेकिन एसएन मेडिकल कॉलेज में डेंगू के मरीजों के भर्ती करने की सुविधा नहीं है। यहां पिछले साल बनाया गया डेंगू वार्ड बंद है।
बल्केश्वर में छह माह के शिशु को बुखार रहने पर कमला नगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सक ने डेंगू की आशंका पर प्राइवेट पैथोलॉजी में जांच कराई, जहां रिपोर्ट पॉजिटिव बताई। चिकित्सक ने इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भी दी है।
जिला मलेरिया अधिकारी आरके दीक्षित ने बताया कि शिशु में डेंगू होने की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जाकर जांच करेगी। पीड़ित के घर पर एंटी लार्वा का भी छिड़काव कराया जाएगा।
यह बरतें सावधानी
- कूलर की टंकी से पानी खाली कर दें, या फिर उसे हर दो दिन में बदलें।
- कूलर की टंकी में मिट्टी का तेल-डीजल छिड़क दें, जलभराव में भी यही करें।
- फुल बाजू के कपड़े पहनकर सोएं, बच्चों को फुल बाजू की ड्रेस पहनाकर भेजें।
- सोने से एक घंटे पहले कमरे में मच्छररोधी कॉइल जलाएं, मच्छरदानी उपयोग करें।
डेंगू ने दस्तक दे दी है, लेकिन एसएन मेडिकल कॉलेज में डेंगू वार्ड तैयार नहीं किया गया। डेंगू वार्ड बंद पड़ा है। इसमें बेड तक नहीं हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग वार्ड की तैयारी के लिए दो बार पत्र लिख चुका है।
मेडिकल कॉलेज में बंद पड़ा है वार्ड
बरसात में डेंगू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जुलाई के पहले सप्ताह में पत्र भेजा था। इसमें वार्ड तैयार करने की मांग की थी। वार्ड न बनने पर विभाग ने लगभग दस दिन पहले एक बार फिर पत्र भेजा।
इसके बावजूद भी एसएन कॉलेज में वार्ड की व्यवस्था नहीं की गई। आठ मंजिला इमारत में पहले से बना डेंगू वार्ड बंद पड़ा है, यहां पिछले साल डेंगू के प्रकोप के चलते 40 बेड की सुविधा की गई थी, लेकिन इसमें अब बेड भी नहीं है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मुकेश वत्स ने बताया कि जिला अस्पताल में वार्ड संचालित है। डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए दो बार एसएन कॉलेज प्रशासन को पत्र लिखा जा चुका है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ जीके अनेजा ने बताया कि डेंगू के मरीजों के लिए वार्ड स्किन विभाग की इमारत में वार्ड बनाने को निर्देशित किया था। अभी बना है कि नहीं, इसकी पता करता हूं।