हॉस्टल में चल रहा जूनियर डॉक्टर का इलाज
जूनियर डॉक्टर का इलाज हॉस्टल के कमरे में चल रहा है। हालत ठीक है। तीन मरीज ठीक हो चुके हैं और दो नए मरीज भर्ती हुए हैं। अभी डेंगू वार्ड में 24 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें मेडिसिन के डेंगू वार्ड में 19 और बाल रोग विभाग के डेंगू वार्ड में पांच मरीज भर्ती हैं।
हॉस्टल में फॉगिंग के लिए नगर निगम और एंटीलार्वा के छिड़काव के लिए स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया यूनिट से कहा है। एहतियातन सभी छात्रों को कूलर की टंकी का पानी खाली करने के लिए कह दिया है।
ओपीडी में आए रिकॉर्ड 2274 मरीज, भरा हॉल
मच्छर और बदले मौसम से डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तीन गुनी हो गई। सोमवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में रिकॉर्ड 2274 मरीज पहुंचे। हॉल भर गया और डॉक्टरों ने एक घंटा अतिरिक्त मरीज देखे और तीन बजे तक ओपीडी चलती रही।
एसएन की ओपीडी में भीड़
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ओपीडी प्रभारी डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि सोमवार को 2062 नए मरीज और 212 पुराने मरीज आए। सुबह से ही मरीजों की भीड़ देख दो गार्ड और तीन वार्ड ब्वाय अतिरिक्त लगाने पड़े। मरीजों से ओपीडी हॉल भर गया। ऐसे में चलने-फिरने में लाचार और खराब हालत के मरीजों को सबसे पहले दिखाया गया। मरीज अधिक होने पर मेडिसिन और त्वचा रोग विभाग के चिकित्सकों ने तीन बजे तक मरीज देखे।
जिला अस्पताल में भी मारामारी, धक्का-मुक्की
जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 2800 से अधिक मरीज पहुंचे। पर्चा बनवाने के लिए मारामारी रही। धक्का-मुक्की होने से मरीजों को परेशानी भी हुई। करीब 40 से 50 मिनट तक लाइन में लगना पड़ा। डॉक्टर को दिखाने में भी इतना समय लगा। प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि ओपीडी में से बुखार-खांसी के 590 मरीज रहे, इनको दवा देने के साथ चिकित्सकों ने मच्छरों से बचने के बारे में भी बताया।