आगरा के ईदगाह रेलवे स्टेशन का नाम रावली महादेव रखा जाने की मांग उठी है। राज्यसभा सदस्य नवीन जैन ने रेल मंत्री को पत्र भेजा है। नाम बदलने के पीछे तर्क दिया गया है कि सांस्कृतिक और धार्मिक आधार पर परिवर्तन की जरूरत है।
आगरा ईदगाह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रावली महादेव रेलवे स्टेशन रखा जाए। राज्यसभा सदस्य नवीन जैन ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर सांस्कृतिक और धार्मिक आधार पर परिवर्तन की जरूरत बताई है।
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सांसद ने पत्र में लिखा है कि ईदगाह रेलवे स्टेशन का नाम मुगलकालीन इतिहास से जुड़ा हुआ है। ईदगाह मस्जिद का निर्माण शाहजहां ने 1674 में कराया था, जबकि रेलवे स्टेशन की स्थापना अंग्रेजों के शासनकाल (150 वर्ष पूर्व) में हुई थी। वर्तमान में भारत औपनिवेशिक प्रतीकों को हटाकर अपनी संस्कृति और परंपराओं का पुनः गौरव स्थापित कर रहा है, ऐसे में इस स्टेशन का नाम बदलना उचित है।
सांसद ने नाम परिवर्तन के पीछे रावली महादेव मंदिर का विशेष महत्व बताया है। पत्र में लिखा है कि कहा जाता है, मंदिर की स्थापना आमेर के राजा मान सिंह ने वर्ष 1582 में की थी, जब वह अफगानिस्तान के युद्ध क्षेत्र से शिवलिंग लेकर आए थे। ब्रिटिश शासनकाल में रेलवे लाइन बिछाते समय भी इस मंदिर को हटाने के प्रयास किए गए, लेकिन सभी असफल रहे। अंततः रेलवे ट्रैक को एस के आकार में मोड़ना पड़ा था।