फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एंबुलेंस में मिला शव रखने वाला डीप फ्रीजर, पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली बात

Sat, 04 May 2019 12:49 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
परिवहन विभाग ने एंबुलेंस को सीज किया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
आगरा में खटारा वैन ही नहीं शव वाहन को भी एंबुलेंस के तौर पर उपयोग कर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी के पास शव वाहन पकड़ा। इसमें मरीज को लेकर इमरजेंसी में भर्ती कराने आया था। टीम ने वाहन का चालान कर सीज कर दिया है।
विज्ञापन


दो दिन अभियान चलाने के बाद एक बार फिर परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम को लेकर छापेमारी पर निकला। एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी के पास एंबुलेंस लिखा वाहन पकड़ा। लाल बत्ती भी लगी हुई थी। 

जब वाहन के अंदर जांच की जो दवाओं की किट, ऑक्सीजन सिलेंडर समेत एंबुलेंस के लिए आवश्यक एक भी मानक नहीं था। इसमें डीप फ्रीजर (शव रखने को एसी ताबूत) की भी व्यवस्था थी। पूछताछ में चालक ने बताया कि यह मरीज मथुरा रिफायनरी के पास माहेश्वरी हॉस्पिटल से एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने लाए हैं।
विज्ञापन


टीम ने मरीज को इमरजेंसी में शिफ्ट कराते हुए इसको सीज कर दिया है। एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस लिखे वाहन में चिकित्सकीय मानक नहीं थे, मरीज भर्ती करने लाए थे। इससे मरीज की जान पर भी बन सकती थी। 
विज्ञापन

एंबुलेंस में पंजीकरण, शव और मरीजों के लिए किया जा रहा उपयोग

वाहन चालक की कारस्तानी देखकर परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी दंग रह गई। यह वाहन परिवहन विभाग के यहां एंबुलेंस के तौर पर पंजीकृत है, लेकिन मौके पर एंबुलेंस का एक भी मानक और चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिली। डीप फ्रीजर था और मरीज ढोने का कार्य भी किया जा रहा था। टीम की पूछताछ में चालक ने बताया कि इसी वाहन से शव और मरीज लाने-ले जाने में उपयोग करते हैं। 

आरटीओ (प्रवर्तन) अनिल कुमार ने बताया कि वाहन एंबुलेंस में पंजीकृत है, लेकिन मौके पर मानक नहीं मिली। वाहन में डीप फ्रीजर भी लगा हुआ था, इसी में मरीज भी लेकर आए। इस तरह से एक ही वाहन से मरीज और शव लाने-ले जाने का कार्य किया जा रहा था। वाहन को सीज कर दिया है।
 
सीएमओ डॉ मुकेश वत्स ने बताया कि शव और मरीजों के लिए एक ही वाहन उपयोग किया जा रहा था। एंबुलेंस के लिए आवश्यक एक भी मानक वाहन में नहीं मिला। मथुरा से मरीज लाया गया था। मथुरा के सीएमओ को संबंधित हास्पिटल के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें