विशाल को हिंदी में 43, अंग्रेजी में 38, विज्ञान में 23, सामाजिक विज्ञान और चित्रकला में 45-45 अंक मिले हैं। गणित में खाता नहीं खुला है। तरुण कुमार ने हिंदी में 36, अंग्रेजी में 36, सामाजिक विज्ञान में 42,चित्रकला में 44, विज्ञान में 23 और गणित में 00 अंक मिला है।
नरेंद्र सिंह को हिंदी में 42, अंग्रेजी में 40, सामाजिक विज्ञान में 38, कॉमर्स में 47, विज्ञान में 33 और गणित में 00 अंक प्राप्त किए हैं। मुकुल गोस्वामी को हिंदी में 48, अंग्रेजी में 43, सामाजिक विज्ञान में 37, चित्रकला में 58, विज्ञान में 26 और गणित में 00 अंक हासिल किए हैं।
यही हाल बाकी विद्यार्थियों का है। परीक्षार्थी पास होने के बाद भी संतुष्ट नहीं है। कई परीक्षार्थी परिणाम देख रो पड़े। सभी प्रधानाचार्य के पास पहुंचकर बताया कि प्रश्नपत्र ठीक गया था, उन्हें शून्य कैसे मिला, समझ नहीं पा रहे हैं।
प्रधानाचार्य सोमदेव सारस्वत ने बताया कि स्क्रूटनिंग के लिए विद्यार्थियों की ओर से फार्म भरे जा रहे हैं। इसके अलावा विद्यालय स्तर से माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव और क्षेत्रीय सचिव को पत्र लिखा गया है। पुनर्मूल्यांकन की मांग की गई है।
500 रुपये करने पड़ रहे खर्च
उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी के लिए छात्र-छात्राएं आवेदन कर रहे हैं। इसके लिए 500 रुपये शुल्क चुकाना पड़ रहा है। कई विद्यार्थी गरीब परिवारों से हैं। उनके लिए 500 रुपये का इंतजाम भी मुश्किल हो रहा है।
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