आगरा के कालिंदी विहार में एक महिला के मकान का बैनामा कराया गया। मगर, 10 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया। पीड़ित महिला ने पुलिस से शिकायत की। थाने-चौकी के कई चक्कर काटे। मगर, सुनवाई नहीं हुई। हार-थककर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में गुहार लगाई। आयोग के निर्देश पर थाना ट्रांस यमुना में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सुमनलता अग्रवाल कालिंदी विहार की रहने वाली हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका 58 वर्ग मीटर भूखंड पर मकान था। वह भूखंड को बेचना चाहती थीं। सांता कुंज निवासी विवेक कुमार और कालिंदी विहार निवासी मनोज कुमार ने भूखंड खरीदने के लिए बात की। 17 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। उन्होंने 31 जुलाई को तहसील एत्मादपुर में बैनामा विवेक के नाम कर दिया। बैनामे के समय उन्हें 7 लाख रुपये के चेक दिए।
इसके अलावा विवेक ने 4 लाख रुपये का एक चेक और 6 लाख रुपये का दूसरा चेक सुमन और उनके बेटे मोहित के नाम पर दे दिया। विवेक ने कहा कि चेक दो अगस्त को बैंक में लगाने पर रकम अदा हो जाएगी। आरोप है कि विवेक और मनोज घर आए। चेक के साथ सुमनलता को अपने साथ ले गए। मगर, घर से निकलते ही अपने दिए हुए चेक ले लिए और भाग गए। फोन करने पर जान से मारने की धमकी देने लगे।
पीड़िता ने थाना ट्रांस यमुना में शिकायत दर्ज कराई। मगर, कोई सुनवाई नहीं हुई। कई दिन चक्कर काटने पर भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस पर उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली को पत्र भेजा। मामले में सोमवार को धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, धमकी की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस विवेचना कर रही है।