फ्रांसीसी महिला पर्यटक की मौत के बाद उनके पति बेन कागजी खानापूर्ति में उलझ गए। उन्होंने गुहार लगाई कि जल्दी करें, आखिरी बार बच्चों को आस्मा से मिलवाना चाहतू हूं।
आगरा के फतेहपुर सीकरी स्मारक में रेलिंग टूटने से गिरकर मृत फ्रांस की पर्यटक अस्मा के शव का पोस्टमार्टम कागजी कार्यवाही की जटिल प्रक्रिया के कारण 24 घंटे के बाद हो सका। इस दरम्यान पर्यटक का मृत्यु प्रमाणपत्र नगर निगम से बनवाया गया। कागजी खानापूर्ति में उलझे बेन येलेस ने जल्दी करने का अनुरोध किया और कहा कि अस्मा को बच्चों से आखिरी बार तो मिलवा दूं।
विज्ञापन
इसके बाद अन्य कागजी कार्यवाही को पूरा कराने में शाम के 4 बज गए। इसके बाद शव को दिल्ली भेजा गया। दिल्ली में फ्रांस के दूतावास से कुछ औपचारिकताएं होंगी। शनिवार की शाम को फ्लाइट से फ्रांस भेजा जाएगा।
फ्रांस के 25 सदस्यीय दल के साथ भारत भ्रमण पर आईं अस्मा की बृहस्पतिवार को फतेहपुर सीकरी के तुर्की सुल्ताना महल से गिरकर मौत हो गई थी। उन्हें बृहस्पतिवार को समय पर एंबुलेंस और इलाज नहीं मिल सका तो शुक्रवार को कानूनी पेचीदगियों में पूरा दिन गुजर गया। शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल ने दोपहर 12:45 से 1:45 बजे के बीच किया। इस दौैरान एसीपी मयंक तिवारी व एसीपी कोतवाली डॉ. सुकन्या शर्मा पूरे समय पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद रहीं।
विज्ञापन
शव पर लगाया जाएगा रासायनिक लेप
विदेशी पर्यटक का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया। इस दरम्यान पोस्टमार्टम से संंबंधित कागजात तैयार करवाए गए। पंचनामा अंग्रेजी भाषा में भरा गया। शाम 4 बजे तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार हो सकी। देर शाम को शव को दिल्ली से मंगवाई गई एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया। अस्मा के पति बेन टूरिस्ट गाड़ी से गए। दिल्ली में रासायनिक लेप लगाने के बाद एयर टाइट ताबूत में हवाई जहाज से शव भेजा जाएगा।
पोस्टमार्टम हाउस में नहीं था प्रिंटर
पोस्टमार्टम रिपोर्ट कंप्यूटर से तैयार कराई गई थी। इसकी डिजिटल फाइल सेव करके रखी गई है। इसका प्रिंट निकाला जाना था। मगर, पोस्टमार्टम हाउस पर प्रिंटर नहीं था। इस कारण एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंटर से प्रिंट निकाला गया। इस कारण भी समय लगा। अधिकारियों को इंतजार करना पड़ा।
खत्म हुआ ताजमहल के दीदार का इंतजार
दिल दर्द में डूबा हुआ था। आंखों में आंसुओं का समुद्र भरा था। जुबां पर पत्नी की यादें थीं। बच्चों के पास जल्दी पहुंचना था। मोहब्बत की जिस निशानी ताज के दीदार का दो साल से इंतजार था, उसकी हरसत भी अस्मा की मौत के साथ खत्म हो गई। फ्रांसीसी बेन येलेस जब पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों से हाथ जोड़कर एक ही बात बोले-पत्नी के साथ हादसा ईश्वर की इच्छा था। जल्दी करें ताकि घर पहुंचकर बच्चों से आखिरी बार मिलवा दूं।
टूरिस्ट गाड़ी में पहुंचे थे बेन
बेन येलेस अपने गाइड के साथ टूरिस्ट गाड़ी में पहुंचे थे। यहां एसीपी हरीपर्वत मयंक तिवारी, एसीपी कोतवाली सुकन्या शर्मा, सीएमओ डाॅ. अरुण श्रीवास्तव, थानाध्यक्ष एमएम गेट केपी सिंह पहले से मौजूद थे। अधिकारियों ने उनसे बात की। कहा कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी करा दी गई है। जल्द शव दे दिया जाएगा। इस पर बेन धीमी आवाज में बोले-अस्मा 2-3 साल से भारत आने की सोच रही थीं। अब जाकर भारत आना हुआ। ताजमहल का दीदार करना था। मगर, होनी का क्या पता था। यहां हादसा हो गया। पत्नी दुनिया से अलविदा कह गईं। यह सब ईश्वर की मर्जी रही होगी। बच्चों से मां को मिलवाना है। अब बस जल्द से जल्द घर पहुंचवा दें।