कासगंज जिले के कोतवाली क्षेत्र में रविवार की सुबह गांव ढिलावली के बाहर बुजुर्ग दंपती के शव बाग में पेड़ पर लटके मिले। इससे गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को नीचे उतारा और छानबीन के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस प्राथमिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।
जानकारी के मुताबिक गांव ढिलावली निवासी 58 वर्षीय मानसिंह और उनकी 55 वर्षीय पत्नी द्रोपा देवी के शव गांव के बाहर आम के बाग में पेड़ पर लटके मिले। सुबह को जब ग्रामीण खेतों की ओर गए तो इसकी जानकारी हुई। जानकारी मिलने पर मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई। सूचना के बाद पुलिस भी पहुंच गई।
पुलिस ने बुजुर्ग दंपती के बारे में ग्रामीणों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बुजुर्ग दंपती की मौत को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। उनका पुत्र दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। उसकी पत्नी और तीन साल बेटा अपने दादा-दादी के साथ गांव में ही रहते हैं।
पुलिस अधीक्षक बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि प्राथमिक जांच में आत्महत्या की बात सामने आई है। शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। बुजुर्ग दंपती पर कुछ कर्जा था, जिसके चलते आत्मघाती कदम उठाया है। अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। उधर, मृतक का बेटा दिल्ली से कासगंज के लिए चल दिया है।
बेटे के इलाज के लिए लिया था कर्ज, बेची थी जमीन
पुलिस की जांच पड़ताल में गांव ढिलावली में दंपती की आत्महत्या के पीछे मुख्य कारण कर्ज का सामने आया है। मानसिंह ने बीमार बेटे के इलाज के लिए कर्ज लिया था। वह स्वयं भी आंखों की बीमारी से परेशान था। कर्ज चुकाने के लिए उसने एक बीघा जमीन बेची फिर भी कर्ज से मुक्ति नहीं मिली थी। कर्ज के कारण घर में क्लेश का माहौल रहता था। पुलिस के अनुसार उस पर करीब चार लाख रुपये का कर्ज था।
पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया है कि मानसिंह का परिवार पिछले काफी समय से आर्थिक तंगी से परेशान था। तीन वर्ष पहले मानसिंह के बड़े पुत्र कन्हीं लाल ने आत्महत्या कर ली थी। दूसरा पुत्र बलराम मुंह के जबड़े से जुड़ी बीमारी से परेशान है। इसका ऑपरेशन कराने के लिए मानसिंह को कर्ज लेना पड़ा। उसका स्वयं का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रह रहा था। उसे आंखों की बीमारी थी। उसे कम दिखाई देता था। पुलिस की जानकारी के मुताबिक उस पर लगभग चार लाख रुपये का कर्ज था। उसने अपनी एक बीघा जमीन भी बेच दी, लेकिन कर्ज से मुक्ति नहीं मिली। घर में भी क्लेश रहने लगी। पुलिस यह भी पता कर रही है कि मानसिंह पर लोगों का कुल कितना कर्ज था और बैंक का कितना कर्ज था। सदर कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्र का कहना है कि यह स्पष्ट है कि कर्ज के दबाव के चलते आत्महत्या की है, लेकिन पूरी जांच पड़ताल के बाद यह स्पष्ट होगा कि उस पर कितना कर्ज था।
दंपती की मौत से परिजनों में कोहराम
क्षेत्र के गांव ढिलावली में दंपती के द्वारा एक साथ फांसी लगाकर जान देने की घटना की जानकारी परिवार के लोगों को हुई तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजन घटनास्थल की और दौड़ पड़े। उनका बेटा बलराम नोएडा में नौकरी करता है, उसे भी जानकारी दी गई। वह भी दोपहर के बाद कासगंज आ गया।
कर्ज की बात से सहमत नहीं हैं परिवार के लोग
दपंती के मौत के मामले को लेकर परिवारीजनों को हत्या की भी आशंका है। परिजन कर्ज के कारण को लेकर सहमत नहीं हैं। दंपती के भतीजे जितेंद्र कुमार का कहना है कि मानसिंह के पास और भी जमीन थी। वह अपना कर्ज इस जमीन बेचकर उतार सकते थे। पहले भी जमीन बेचकर कर्ज उतारा है। उन्होंने पुलिस ने मामले की पूरी जांच पड़ताल करने की मांग की।