फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीडीओ ने दो कर्मचारियों की स्थाई वेतन वृद्घियां रोकीं

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। जिला विकास अधिकारी ने दो कर्मचारियों की स्थायी वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है। यह कार्रवाई पूर्व में कर्मचारियों द्वारा की गई फर्जी शिकायतों समेत अन्य आरोपों में की गई है।
विज्ञापन

विकास भवन स्थित जिला विकास अधिकारी कार्यालय में तैनात कर्मचारियों के हस्ताक्षर से डीएम को शिकायत भेजी गई थी। इसमें तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया पर पत्रावली न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देने की बात कही थी। वहीं डीडीओ केके सिंह पर बर्खास्त करने की बात कहने का आरोप लगाया था। शिकायत में अन्य कई आरोप भी लगाए गए थे। कार्यालय के 18 कर्मचारियों के हस्ताक्षर करा शिकायत भेजी गई थी।
हालांकि अगले ही दिन अधिकांश कर्मचारियों ने लिखित में बयान दिए कि उनसे जबरन हस्ताक्षर कराए गए हैं और कुछ कर्मचारियों ने फर्जी हस्ताक्षर होने की बात कही। हालांकि दो कर्मचारियों ने बयान नहीं दिए। इसमें वरिष्ठ सहायक मयंक तिवारी और सुषमा पांडेय शामिल थीं। मामले की जांच में शिकायत निराधार पाई गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीडीओ केके सिंह ने दोनों वरिष्ठ सहायकों की स्थायी वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है। उन्होंने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
विज्ञापन

ब्लॉकों पर किया जा चुका है स्थानांतरण
कार्रवाई किए गए दोनों कर्मचारी जिला विकास अधिकारी कार्यालय में ही तैनात थे। हालांकि बाद में उन्हें ब्लॉकों पर स्थानांतरित कर दिया गया था। इसमें वरिष्ठ सहायक मयंक तिवारी को बरनाहल ब्लॉक पर और सुषमा पांडेय को कुरावली ब्लॉक पर स्थानांतरित किया गया है।
विज्ञापन

उच्चाधिकारियों पर झूठे आरोप लगाना और जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करना गंभीर मामला है। इसके चलते दो कर्मचारियों की स्थायी वेतन वृद्धि रोकी गई है।
- केके सिंह, जिला विकास अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें