हेल्प डेस्क पर 450 से अधिक प्रार्थनापत्र
विश्वविद्यालय की हेल्प डेस्क पर रोजाना औसतन 400 से 450 शिकायती पत्र आ रहे है। यह शिकायती पत्र अंकतालिका में त्रुटियां, डिग्री न मिलने, माइग्रेशन, अंकतालिका नहीं मिलने समेत अन्य परेशानी के हैं। ऑनलाइन समस्याओं का सुधार न होने के कारण छात्रों को दूरदराज से यहां चक्कर काटने को मजबूर हैं।
डिग्री के लिए काट रहा चक्कर
फिरोजाबाद के धर्मवीर सिंह ने बताया कि उनकी बहन पूजा देवी की 2016 बीएससी कृषि की डिग्री है। तीन साल पहले आवेदन किया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ऐसे में बीते साल जुलाई में दोबारा आवेदन किया है, बहन चक्कर काटकर परेशान हो गई तो अब मुझे डिग्री के लिए भटकना पड़ रहा है।
कॉलेज-विश्वविद्यालय के बीच चकरघिन्नी बना
टप्पल के देवदत्त सिंह ने बताया कि बीएससी कृषि 2017 की अंतिम वर्ष की अंकतालिका कॉलेज नहीं पहुंची। विश्वविद्यालय आने पर कॉलेज भेजने की बात कह रहे हैं। छह से आठ बार प्रार्थनापत्र दिए हैं। अधिकारियों से मिला तब बताया कि अब यह अंकतालिका एजेंसी से बनकर आएगी।
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