फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्वविद्यालय: 42 हजार छात्र-छात्राओं की परीक्षा पर संकट, 85 प्राइवेट डिग्री कॉलेजों को नोटिस

Thu, 16 Jan 2020 10:07 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
विज्ञापन
प्राइवेट डिग्री कॉलेजों के 48 हजार छात्रों की परीक्षा पर संकट मंडरा रहा है। इन कॉलेजों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में परीक्षा शुल्क जमा नहीं कराया है। इन कॉलेजों को शुल्क जमा करने के लिए 20 जनवरी तक मोहलत दी है। इनकी सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड की जा रही है। 
विज्ञापन


डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से 1100 कॉलेज संबद्ध हैं। इनमें साढ़े पांच लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। विश्वविद्यालय में 2020-21 सत्र के लिए परीक्षा फार्म भरवाए जा रहे हैं। इनमें से 85 प्राइवेट कॉलेजों ने परीक्षा शुल्क नहीं जमा किया है, ऐसे में इनके लॉगिन आईडी भी बंद कर दिए गए हैं। 

इसके चलते इन कॉलेजों के छात्रों के परीक्षा फार्म भी नहीं भरे जा सके हैं। इन कॉलेजों में स्नातक, परास्नातक समेत अन्य कोर्स के करीब 42 हजार विद्यार्थी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन सभी कॉलेजों को रिमाइंडर जारी करते हुए 20 जनवरी तक फार्म जमा कराने को कहा है। 
विज्ञापन

 
विज्ञापन

शुल्क जमा करने को इन कॉलेजों से कई बार कहा गया

कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने बताया कि कई बार इन कॉलेजों से परीक्षा शुल्क जमा करने के लिए कहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहे। छात्र हित में परीक्षा फार्म भरने के लिए 20 जनवरी तक तिथि बढ़ा दी है। इन कॉलेजों की सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर है, संबंधित कॉलेज के छात्र भी यह सूची देख सकते हैं।

20 जनवरी के बाद प्रति छात्र 500 रुपये जुर्माना

परीक्षा फार्म भरने से वंचित कॉलेजों को 20 जनवरी तक की मोहलत दी है, अगर इस तिथि तक परीक्षा शुल्क जमा नहीं करते हैं तो 21 से प्रति छात्र 500 रुपये जुर्माना अलग से देना होगा। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. गिरिजाशंकर शर्मा ने बताया कि परीक्षा शुल्क के अलावा कॉलेजों को जुर्माने के तौर पर प्रति छात्र 500 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। 

फीस घोटाले के बाद लिया विश्वविद्यालय ने सबक

बीते कुछ सालों पहले विश्वविद्यालय में पहले परीक्षा फार्म भरवा दिए जाते थे, इसके बाद शुल्क जमा कराया जाता था। इसमें कई कॉलेज फीस जमा नहीं करते थे, तो विभागीय सांठगांठ कर निजी कॉलेज छात्र संख्या कम दर्शाकर फीस भर देते थे। यह घोटाला पकड़ में आने के बाद अब वेब रजिस्ट्रेशन के बाद फीस जमा कराई जाती है, इसके बाद ही परीक्षा फार्म भरा जा सकता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें