हम हमेशा एकसाथ रहेंगे पापा...मां मैं भी तो आपकी बेटी हूं। परिवार परामर्श केंद्र पर रविवार को बच्चों की मार्मिक गुहार ने माता-पिता के बीच की दूरियां मिटा दीं। दोनों साथ रहने के लिए मान गए। इस सुखद घटना का एक पहलू यह है कि महिला-पुरुष की दूसरी शादी है और दोनों के पहली शादी से बच्चे हैं। सगे और सौतेले बच्चे से पक्षपातपूर्ण व्यवहार के शक में ही दोनों में मनमुटाव हुआ था। बच्चों ने मौके पर इस गलतफहमी को मिटा दिया।
शादी के कुछ महीनों के बाद ही राकेश और सुधा (दोनों काल्पनिक नाम) में विवाद होने लगा था। पति राकेश शक करता कि पत्नी उनके बेटे को ठीक से नहीं रखती। वहीं पत्नी सुधा को ऐसा लगने लगा कि राकेश उनकी बेटी से सौतेला व्यवहार करते हैं। विवाद बढ़ा और मामला परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंचा।
यहां बच्चों के सामने बात हुई। काउंसलर ने समझाया। काउंसलर के सामने बच्चों ने माता-पिता को यकीन दिलाया कि दोनों हमेशा साथ मिलकर रहेंगे और माता-पिता भी ऐसा ही करें।
पति बोला- मेरी तो शादी ही नहीं हुई है
परिवार केंद्र पर कुछ अलग ये मामला भी आया। पति मानने को तैयार नहीं था कि उसकी शादी हुई है। काउंसलर की बातें सुनने को तैयार नहीं था। उसे शादी की फोटो दिखाई तो बोला कि उसने शादी नहीं की है। फोटो के बारे में पूछा जाता है तो वह कहता है कि उसे कुछ नहीं मालूम फोटो कहां से आए। काउंसलरों का कहना है कि मामले को अगली बैठक में निपटा लेंगे। दोनों पक्षों को अगली तारीख दी है।
पत्नी कहती है मेरे कमरे में लगवाओ एसी
अतुल और मधु (दोनों काल्पनिक नाम) के बीच एसी को लेकर तकरार शुरू हुई थी। पत्नी मधु ने बताया कि सास-ससुर के कमरे में पति अतुल ने एसी लगा रखा है। मेरे कमरे में एसी नहीं है। गर्मियों में काफी परेशानी होती हुए। पति अतुल ने बताया कि प्राइवेट नौकरी में इतना वेतन नहीं है कि दूसरा एसी ले सकें। इस मामले में भी काउंसलर ने कहा कि अगली तिथि में निपटने की कोशिश करेंगे।