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Amar Ujala Impact: एसएन मेडिकल कॉलेज में गोद में मां को ले जाती बेटी के मामले में उपमुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

Sat, 11 Jun 2022 01:04 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

एसएन मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कहीं वार्ड ब्वॉय नहीं मिल रहे हैं, तो कहीं स्ट्रेचर की कमी से मरीज और तीमारदार जूझ रहे हैं। इन मामलों को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया है।    

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उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मामले का लिया संज्ञान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में अपनी बीमार मां को गोद में लेकर जाती बेटी और अपने भाई को गोद में उठाकर लेकर जाते तीमारदार के मामले का उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने संज्ञान लिया है। उन्होंने प्राचार्य से तीन दिन में जांच रिपोर्ट तलब की है।

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अमर उजाला में शुक्रवार को बीमार मां को तपती धूप में गोद में लेकर जाते हुए बेटी की फोटो, वहीं दूसरे मामले में एक युवक की अपने बीमार भाई को गोद में लादकर ले जाते हुए फोटो छपी थी। इनको व्हीलचेयर और स्ट्रेचर नहीं मिले थे। वार्ड ब्वाय भी मौके पर नहीं थे। 

इस अव्यवस्था पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने एसएन के प्राचार्य को खुद जांच करते हुए जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। तीन दिन में प्राचार्य से इसकी रिपोर्ट भी मांगी है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इसकी जांच शुरू कर दी है। 

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निर्माण के चलते ओपीडी का रास्ता बंद  

पहले मरीज एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित दरगाह के बगल के रास्ते से ओपीडी में जाते थे, लेकिन सुपर स्पेशिलिटी भवन का निर्माण कार्य के चलने से रास्ता बंद कर दिया गया है। अब मरीजों और तीमारदारों को हॉस्पिटल रोड की तरफ से ओपीडी में जाना पड़ रहा है। 

कन्नौज निवासी प्रतीक्षा अपनी मां शीला को ओपीडी में बृहस्पतिवार को दिखाने पहुंची थीं। घुटनों में दर्द की वजह से शीला चल नहीं पा रही थी। हड्डी रोग विभाग में दिखाया। ओपीडी के गेट से अपनी मां को गोदी में उठाकर वाहन तक ले गईं। उन्हें स्ट्रेचर व व्हील चेयर नहीं मिल पाया। 

मनीष अपने छोटे भाई अरुण को गोदी में लेकर ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए पहुंचा था। पैर में समस्या होने की वजह से अरुण चल नहीं पा रहा था। मनीष ने बताया कि गेट पर व्हील चेयर नहीं दिखी तो वह गोदी में ही अंदर ले आए। मदद के लिए वार्ड ब्वाय भी नहीं थे। 
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