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डग्गामार एंबुलेंस: वायरल और डेंगू बुखार में मरीजों की जान से खिलवाड़, सिलिंडर में ऑक्सीजन नहीं इमरजेंसी दवा किट भी खाली

Fri, 15 Oct 2021 11:51 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

खटारा वैनों को एंबुलेंस बनाकर दौड़ाया जा रहा है। राजस्थान और मध्य प्रदेश की 1500 एंबुलेंस एसएन मेडिकल कॉलेज से लेकर प्राइवेट अस्पतालों तक मरीजों को लाने जाने के कार्य में लगी हुई हैं। जीवन रक्षक उपकरणों के नाम पर इनमें ऑक्सीजन सिलिंडर, फर्स्ट एड किट तक नहीं हैं। 
 
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खटारा एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वायरल बुखार और डेंगू में एक बार फिर से डग्गामार एंबुलेंस दौड़ने लगी हैं। इनमें इमरजेंसी किट में दवाएं, ऑक्सीजन देने के लिए अंबू बैग तक नहीं है। यहां तक कि एंबुलेंस में सिलिंडर भी खाली मिले। ऐसी ही खटारा एंबुलेंस में मरीजों को अस्पताल पहुंचा रहे हैं। इससे मरीज की जान को खतरा बना हुआ है। आरटीओ भी इसकी जांच कर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। 

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ऑल यूपी एंबुलेंस ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रवि सिसौदिया ने बताया कि वायरल बुखार और डेंगू के मामले अधिक होने पर डग्गामार एंबुलेंस फिर से शहर में मरीजों को लेकर जा रही हैं। इनमें मानक तक नहीं हैं, फिटनेस भी नहीं हैं। इसकी ज्ञापन देकर कई बार आरटीओ के यहां भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन जांच नहीं की जा रही है। कई डग्गामार एंबुलेंस को तो एसोसिएशन ने पकड़वाकर बंद करवाया है। 
एसएन कॉलेज
एसएन कॉलेज इमरजेंसी के बाहर खड़ी एंबुलेंस बेहद खटारा हाल में मिली। चालक से पता चला कि यह करीब 18 साल पुरानी है। इसकी बॉडी कई जगह से जंग लगी थीं। सीटें फटी थी, सिलिंडर भी खाली था। पूछने पर चालक ने बताया कि मरीज ले जाते वक्त सिलिंडर को भरवा लेंगे। 
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रामबाग 
यमुनापार के रामबाग क्षेत्र में निजी अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस में हूटर लगा था। एसी एंबुलेंस का लिखा था। ड्रिप स्टैंड, ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं था। अंबू बैग, बीपी मापक यंत्र भी नहीं था। चालक से पता चला कि गंभीर हाल का मरीज आने पर ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवा लेते हैं।  

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जांच के निर्देश देता हूं
डग्गामार एंबुलेंस पकड़ने और एंबुलेंस में मानकों की जांच कराने के लिए अधीनस्थों को निर्देश करता हूं। बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहीं अवैध एंबुलेंस को सील भी कराया जाएगा। -केडी सिंह, आरटीओ प्रवर्तन

आरटीओ टीम बनाएं
बिना मानकों के चल रही एंबुलेंस की जांच के लिए आरटीओ टीम बनाएं, इसमें स्वास्थ्य विभाग भी एक अधिकारी नामित कर देंगे। इसके लिए हम पत्र भी लिखेंगे। - डॉ. अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ

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