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सावधान: ऑक्सीजन-रेमडेसिविर के नाम पर ठगी कर रहे साइबर अपराधी, पुलिस ने जारी किया अलर्ट

Tue, 27 Apr 2021 10:31 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा के रेंज साइबर क्राइम थाना के मुताबिक, दिल्ली सहित कई राज्यों में इस तरह के मामले आने के बाद अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। 
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रेमडेसिविर इंजेक्शन - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोरोना महामारी के बीच साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का एक और तरीका निकाला है। साइबर अपराधी ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की घर और अस्पताल में डिलीवरी के नाम पर रकम जमा कर ठगने की कोशिश कर रहे हैं। आगरा के रेंज साइबर क्राइम थाना के मुताबिक, दिल्ली सहित कई राज्यों में इस तरह के मामले आने के बाद अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। 

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वर्ष 2020 में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आने के बाद साइबर अपराधियों ने मास्क, सैनिटाइजर और ग्लव्स आदि सामान की बिक्री के नाम पर लोगों के साथ ठगी की थी। लाखों की ठगी के मामने सामने आने के बाद रेंज साइबर थाना पुलिस ने मुकदमे दर्ज करके कार्रवाई की थी। गैंग भी पकड़े गए थे। अब फिर से कोरोना वायरस संक्रमण के मामले आने के बाद साइबर अपराधी ठगने की कोशिश में लगे हैं। 

रेंज साइबर थाना के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने इंटरनेट मीडिया पर पेज बना लिए हैं। इन पर आक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिलीवरी के लिए कहा जा रहा है। इसमें बिना किसी कागजी कार्रवाई के घर या अस्पताल में सामान भेजेने का आश्वासन दिया जा रहा है। 

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दिल्ली सहित आसपास के राज्यों में इस तरह के मामले आए हैं। इनमें एक मोबाइल नंबर दिया जाता है। इस पर कॉल करने पर रकम पहले जमा करने का झांसा दिया जाता है। जो लोग पहले रकम जमा कर देते हैं, वो ठगी का शिकार हो रहे हैं। इस जानकारी के बाद लोगों को जागरूक किया जा रहा है। 

ऑनलाइन बुकिंग से बचें 
रेंज साइबर थाना के एसआई चेतन भारद्वाज ने बताया कि ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिलीवरी के नाम पर भी साइबर अपराधी ठग रहे हैं। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वो ऑक्सीजन सिलिंडर और रेमडेसिविर की ऑनलाइन बुकिंग से डिलीवरी के झांसे में नहीं आएं। 

जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित स्टोर और प्लांट से ही इनको लेना चाहिए। अगर, कोई पहले ऑनलाइन रकम जमा कराकर डिलीवरी करने को कहे तो समझ जाएं कि ठगी की जा सकती है। आनलाइन किसी विज्ञापन पर भरोसा नहीं करें। उसकी प्रमाणिकता के बारे में पता करें।
 
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