ऑनलाइन खुलवाते हैं खाते
पुलिस की पूछताछ में साहिल ने बताया कि वह बेरोजगार युवाओं को नौकरी का आश्वासन देता है। इसके बाद उनसे सैलरी एकाउंट खुलवाने के नाम पर दस्तावेज ले लेते हैं। खाते उन्हीं बैंक में खोले जाते हैं, जिनमें ऑनलाइन खाते खोलने की सुविधा होती है। खाते खोलते समय साहिल और राजन अपने मोबाइल नंबर दर्ज करा देते थे। इसके बाद इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग शुरू करा लेते हैं। खाताधारकों से बैंक की पासबुक और एटीएम कार्ड भी ले लेते हैं। उनके पांच साथी बिहार में सक्रिय है। वही लोगों को कॉल करते हैं। फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देते हैं। जो लोग खाते में रकम जमा करते हैं, उनको कुछ ही देर में निकाल लिया जाता है। बैंक एकाउंट को दूसरे गैंग को भी बेचते हैं। आरोपी स्नातक पास हैं। राजन फरार हैं। पुलिस उसकी तलाश में लगी है।
यह हुई बरामदगी
आरोपी साहिल से एक मोबाइल, चार आधार कार्ड, तीन पेन कार्ड, दो वोटर कार्ड, एक सिम कवर, तीन सिम कार्ड, एक पासबुक, 40300 रुपये एक मुहर, बैंक खाते में फ्रीज कराए गए 5.50000 रुपये और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस टीम में निरीक्षक विनोद कुमार पांडेय के साथ एसआई आशीष मलिक, मोहित वर्मा, आरक्षी शुभम, प्रिंस भाटी, शैलेंद्र कुमार आदि शामिल हैं।
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