प्रतिबंधित है 35 मीटर तक निर्माण
उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन काॅरपोरेशन के अधीक्षण अभियंता एलपी चक्रवेदि के मुताबिक हाईटेंशन लाइन के नीचे निर्माण करना प्रतिबंधित है। लाइन के पास 35 मीटर तक निर्माण नहीं किया जा सकता। नीचे भी 16 मीटर तक कोई भी चीज संपर्क में नहीं आनी चाहिए। हाईटेंशन तारों के चारों कॉरिडोर में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बन जाता है, जिसकी परिधि में आने वाली किसी भी वस्तु को यह अपनी ओर खींचते हैं। इसकी चपेट में आने पर एक सेकंड में ही मृत्यु हो जाती है।
एचटी लाइनें पहले बनीं, मकान बाद में
यूपीपीटीसीएल के अधीक्षण अभियंता के मुताबिक हाईटेंशन लाइन के नीचे मकान बनाने या कोई भी निर्माण करने वाले लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। पब्लिक नोटिस के जरिये भी लोगों को चेतावनी दी जाती है कि कोई निर्माण है तो हटा लें। किसी भी प्रकार की दुर्घटना के लिए लोग स्वयं जिम्मेदार होंगे। ट्रांसमिशन की लाइनें पहले बनती हैं, बाद में उसके पास निर्माण कर लिया जाता है। कई फैक्टरियों, काॅलोनियों, मैरिज होम के अंदर से इस तरह की लाइनें निकल रही हैं।