आगरा में दुष्कर्म के बाद किशोरी को जान से मारने की पूरी कोशिश की गई थी। उसे सड़क से 200 मीटर अंदर जंगल में कांटों के बीच फेंका गया था। मार डालने के लिए गला भी दबाया गया, लेकिन वह बच गई। कांटों के बीच वह रात भर तड़पती रही। शुक्रवार सुबह घिसटते हुए किसी तरह बाहर सड़क तक आई। राहगीर दूधिए ने परिजन को सूचना दी। बेटी का हाल देखकर परिजन व गांव के लोगों में गुस्सा दिखा। वहीं इस घटना के बाद पुलिस ने दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार कर लिया है।
परिजन ने बताया कि किशोरी को जिस जगह फेंका गया, वहां से गांव ती किलोमीटर की दूरी पर है। इतनी ही दूरी पर यमुना का किनारा भी है। उसे सड़क से करीब 200 मीटर अंदर ले जाया गया था, जिससे उसकी आवाज बाहर नहीं आ सके। जंगल में अमूमन लोग कम ही जाते हैं।
किशोरी के चेहरे, सिर, हाथ और पैरों में कांटे लगने से घाव हो गए थे। वह लहूलुहान थी। जंगल से घिसटते हुए बाहर आने में हाथ और पैर छिल गए थे। वह जिस दूधिए को मिली, उसे अपने भाई का मोबाइल नंबर ही बता सकी, इसके बाद बेहोश हो गई। जिसने भी उसे इस हालत में देखा, उसके रोंगटे खड़े हो गए।
बेटी को कांटे चुभे देख रो पड़ी मां
बेटी के शरीर में कई जगह कांटे चुभे थे। आंखें भी लाल पड़ी थीं। गला सूजा था। हाथ-पैर में चोट लगी थी। बेटी का यह हाल देखकर मां रो पड़ी। उन्होंने पहले बेटी के सिर में लगे कांटों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन वो नहीं निकाल सकी। बाद में पुलिस पहुंची। उसे अस्पताल ले गई। चिकित्सक ने उसके सिर से कांटे निकाले। वहां बाहर बैठी मां के आंसू नहीं रुक रहे थे। वो एक ही बात कह रही थी कि जिसने ऐसा किया, उसे सजा मिले।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने शाम को किशोरी के साथ दरिंदगी व हत्या के प्रयास के आरोप में डावली, किरावली निवासी गणेश को गिरफ्तार कर लिया था, वहीं उसका दूसरा साथी संतोष भी पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया है। बता दें गणेश ने पूछताछ में बताया कि गांव में रिश्तेदारी है। किशोरी से 4 महीने से दोनों की दोस्ती थी। वह उसे दोस्त के साथ घुमाने ले गया था। हालांकि वह दुराचार की बात नहीं कुबूल रहा है।
रेस्टोरेंट में किया था नाश्ता
डीसीपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि गणेश अपने दोस्त संतोष के साथ आगरा आया था। गणेश की मोबाइल पर किशोरी से बात हुई। वह किशोरी को बाइक से रुनकता लेकर गया। वहां रेस्टोरेंट में नाश्ता किया। आरोपी का कहना है कि किशोरी को छोड़ने गांव के बाहर तक आया। उससे घर जाने को कहा तो वह तैयार नहीं हुई। साथ चलने की जिद करने लगी। इस पर उसने गुस्से में उसके साथ मारपीट कर दी। किशोरी का सिर पेड़ से टकरा गया। वह गिर पड़ी। इस पर उसने गला दबाकर ईंट से सिर में प्रहार किया। जंगल में डालकर मरा समझकर छोड़ गए। डीसीपी का कहना है कि आरोपी की बातें उलझाने वाली हैं। पुलिस अभी आरोपी की कहानी को सही नहीं मान रही है।