गर्मी से बेहाल छावनी इलाके के लोगों के लिए कभी राहत की उम्मीद बनीं एटीएम वाटर मशीनें अब सिर्फ शोपीस बनकर रह गई हैं। करीब 2 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से लगाई गईं 18 मशीनें वर्षों से खराब पड़ी हैं। न ठंडा पानी, न स्वच्छता, अब तो कुछ मशीनें कपड़े सुखाने और ठेले लगाने का अड्डा बन चुकी हैं।
कुछ समय पहले सदर क्षेत्र में लगी मशीन काम कर रही थी अब वह भी पूर्ण रूप से बंद है। जिसके चलते सभी कबाड़ का रूप ले चुकी हैं। वार्ड नंबर 3 में लगी मशीन को स्थानीय निवासी कपड़े सुखाने के लिए इस्तेमाल करने लगे हैं। वहीं, कुछ जगहों पर मशीनों के आगे ठेल और फूड स्टॉल लगा ली हैं।
गरीबों को मिलती थी राहत
विनोद का कहना है कि मशीनों से गरीबों को बहुत राहत मिलती थी। एक रुपये में एक लीटर ठंडा पानी मिलता था। ऐसी भीषण गर्मी में ये मशीनें बंद पड़ी हैं। लोग महंगे दामों पर बोतल खरीद रहे हैं।
शिकायत के बाद भी निस्तारण नहीं
नीतू सिंह ने कहा कि कुछ महीनों तक ही मशीनें ठीक थीं। इसके बाद से यह खराब हो गईं और ध्यान नहीं दिया गया। शो-पीस बनकर यह रह गईं हैं। कई बार शिकायत भी की पर परिषद की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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बैठक में उठाया गया मुद्दा
मनोनीत सदस्य राजेश गोयल का कहना है कि छावनी परिषद की बैठक में इस मुद्दे को उठाया गया है। जल्द समाधान की कोशिश की जाएगी जिससे लोगों को राहत मिल सके।
कराई जाएगी जांच
सीईओ दीपक मोहन ने कहा कि मशीनों की स्थिति पर जांच कराई जाएगी और सभी वार्डों में निरीक्षण के बाद सही कराने का कार्य शुरू करेंगे।