आगरा के छलेसर के जंगल में रजिस्ट्रार कानूनगो के बेटे कुलदीप की हत्या का थाना एत्मादपुर पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश कर दिया है। हत्याकांड मं दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक मृतक का दोस्त है।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी को शक था कि कुलदीप उसकी पत्नी पर गलत नजर रखता था। इसलिए उसकी हत्या की। वहीं मृतक के भाई ने कहा है कि आरोपियों ने बैंक खाते में जमा धन के लिए कुलदीप को मार डाला।
शांति नगर, फाउंड्री नगर निवासी रजिस्ट्रार कानूनगो कुंवरपाल का बेटा कुलदीप प्रताप बीकानेर में एक कंपनी में ऑपरेटर का काम करता था। 16 सितंबर को उसकी हत्या कर दी गई थी। 17 सितंबर को शव छलेसर के पास जंगल में मिला था।
पत्नी पर बुरी नजर रखने का शक
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि बुढ़िया के ताल से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें नगला किशनलाल निवासी दिनेश चंद्र उर्फ चीनू और टेढ़ी बगिया निवासी मनोज हैं। कुलदीप और दिनेश दोस्त थे।
कई साल पहले बीकानेर में भी एक साथ ही नौकरी करते थे। पूछताछ में आरोपी दिनेश ने बताया कि उसे शक था कि कुलदीप उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता है। इसलिए वह उसकी हत्या करना चाहता था। इसमें वह मनोज की मदद ले रहा था।
उन्होंने बताया कि दिनेश और मनोज 15 सितंबर को कुलदीप को मथुरा ले गए। मगर, हत्या नहीं कर सके। 16 सितंबर को एक बार फिर ले गए। तीनों ने छलेसर के पास होटल से खाना पैक कराने के बाद बियर पी।
नुकीली सरिया से किए प्रहार
कुलदीप के नशे में होने पर छलेसर के पास जंगल में गाड़ी रुकवा ली। इसके बाद नुकीली सरिया से कई प्रहार कर हत्या कर दी। आरोपियों से लूटा गया मोबाइल, एटीएम कार्ड, रुपये, सरिया, एक बाइक, एक एक्टिवा बरामद हुई है।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
आरोपियों ने कुलदीप की हत्या के बाद एटीएम कार्ड और रुपये लूट लिए थे। एटीएम कार्ड से 25 हजार रुपये भी निकाल लिए थे, जोकि बाद में खर्च कर दिए। पुलिस ने जांच की तो सीसीटीवी फुटेज मिल गए। इसमें कुलदीप दोनों आरोपियों के साथ जाता हुआ नजर आ रहा था।
बाइक के लिए जुटाए थे रुपये
भाई विजय प्रताप ने बताया कि कुलदीप बाइक खरीदना चाहता था। इसके लिए उसके पास रुपये भी थे। उसकी सैलरी भी खाते में आई थी। इस बारे में आरोपी दिनेश को भी पता था। वो यह रकम लूट लेना चाहता था। इसलिए कुलदीप को बहाने से ले गया। उसके एटीएम कार्ड का पिन भी पता कर लिया था। हत्या के बाद भी दोनों ने एटीएम से रकम निकाली थी।