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ताबड़तोड़ छापामारी, ध्वस्त की गईं शराब की भट्टियां

Tue, 07 Jul 2015 02:14 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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जहरीली शराब से शमसाबाद से खंदौली तक कहर बरपने के बाद जब शासन से दबाव पड़ा तो आबकारी विभाग की नींद टूटी। तेजी के साथ शुरू किए गए अभियान के पहले दिन ही कई जगह अवैध शराब की भट्टियां तोड़ीं गईं। शराब तस्कर गिरफ्तार किए गए। इतनी जल्दी मिली कामयाबी से तो यही लग रहा है कि सारा गोरखधंधा आबकारी विभाग की जानकारी में चल रहा है। कई जगह तो विभाग की टीमें सीधे भट्टियों पर पहुंचीं।
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गौरतलब है कि शमसाबाद में पांच लोगों की मौत के बाद खंदौली में जहरीली शराब के सेवन से चार की जान चली गई थी। छह से ज्यादा की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। इनमें से कुछ की आंखों की रोशनी कम हो गई है। रविवार शाम को ही डीएम और एसएसपी ने अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि 24 घंटे के अंदर जिले में चल रहे अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाई जाए और आरोपी हवालात में होने चाहिए। इस पर एसडीएम किरावली अजित कुमार के नेतृत्व में आबकारी विभाग और पुलिस की टीम ने कौरई, अछनेरा, गोपऊ, जनूथा, सांथा सहित कई गांवों में छापामार कार्रवाई की। शराब की भट्ठियों को ध्वस्त किया गया और अवैध शराब नष्ट कराई गई। कई लोगों को हिरासत में लिया है। एसडीएम एत्मादपुर जेपी सिंह के नेतृत्व में गढ़ी राठौर, गुलाब नगर, पैसई, बास दलेल, बगल घूंसा, सेमरा आदि गांवों में छापामार कर कई लोगों को हिरासत में लिया और शराब बरामद की है।

फतेहपुर सीकरी
- कौरई की कलंदर बस्ती में छापा, कच्ची शराब नष्ट कराई, राहुल को हिरासत में लिया।
एत्मादपुर
- गांव गढ़ी राठौर, बगल घूंसा, पैसई, गुलाब नगर, सेमरा, बांस दलेल, दलेल नगर, बांस जोखी में छापामार कार्रवाई कर अवैध शराब पकड़ी, लक्ष्मी सिंह, गुल्लू, गोपाल सिंह, सुनील, अवधेश, हरवीर, शिवम, दिनेश, कालीचरण, रवींद्र, मुकेश, रमेश, बलवीर सिंह आदि हिरासत में लिए।
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किरावली
गांव मगुर्रा, जनूथा, गोपऊ, अछनेरा में परचून की दुकानों से हजारों लीटर शराब नष्ट कराई, कई भट्ठियां ध्वस्त की गई, दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया।

खेरागढ़
थाना खेरागढ़ पुलिस ने ग्राम ऊंटगिर में अवैध शराब बेचते बहादुर सिंह को गिरफ्तार किया। उसके पास से 110 पौवा शराब बरामद की गई।


इन ठिकानों को क्यों छोड़ा
सोमवार को संयुक्त टीम ने कई जगह छापे मारे, लेकिन कई ठिकाने ऐसे भी हैं जहां टीम नहीं पहुंची। राजस्थान सीमा से सटे गांव खरगा के नगला की पहाड़ी खदानों में अवैध शराब का कारोबार वर्षों से चल रहा है। 30 मई को राजस्थान पुलिस ने यहां कार्रवाई भी की थी, लेकिन शराब माफिया ने फिर से पैर जमा लिए हैं। सीकरी के ग्राम दूरा में भी शराब बनाने का काम गुपचुप तरीके से चल रहा है। लेकिन टीम यहां नहीं गई।

तड़ीपार चला रहा था अवैध शराब कारोबार
एत्मादपुर तहसील के पैसई गांव से पकड़े गए हरवीर सिंह ने पुलिस को बताया है कि जहरीली शराब का गोरखधंधा उसका भाई जिलाबदर हरिश्चंद उर्फ खैरा कर रहा था। वह हरियाणा से शराब लाता और उसे एक ड्रम में पलटने के बाद यूपी के शराब के खाली क्वार्टरों में भरता था और यूपी के ढक्कन, होलोग्राम लगाता था। वह शराब में मिथाइल की मिलावट करता था। खैरा के बनी शराब की सप्लाई गांवों में हरवीर करता था। राजू को भी शराब खैरा ने ही दी थी।

आबकारी में वर्षों से जमे हैं सीटों पर
जिले के आबकारी विभाग में छह निरीक्षक निरोधात्मक सेल में है। छह निरीक्षक स्पेशल सेल में हैं। एक अभियोजन और एक निरीक्षक प्रवर्तन सेल में है। इनके अलावा विभाग में क्लेरीकल स्टाफ है। इन सभी की मानीटरिंग के लिए जिला आबकारी अधिकारी की तैनाती की गई है। जिला आबकारी की अधिकारी उप आबकारी आयुक्त और संयुक्त आबकारी आयुक्त के दफ्तर भी जिले में हैं। सूत्रों का कहना है कि आबकारी विभाग के कई इंस्पेक्टर तो ऐसे हैं जो कई वर्षों से यहां जमे हैं। कई ऐसे हैं जो कुछ समय के लिए दूसरे जिलों में तबादला कराते हैं, बाद में सांठगांठ कर आगरा में ही तैनाती करा ली है।  

अब देना होगा प्रमाण पत्र
जिलाधिकारी और एसएसपी ने अधीनस्थों को ताकीद किया है कि एसडीएम, सीओ, थाना प्रभारी और आबकारी विभाग के अफसरों को इस सर्च आपरेशन के बाद यह प्रमाण पत्र देना होगा कि उनके क्षेत्र में कहीं भी अवैध शराब का कारोबार नहीं किया जा रहा है। इसके बाद भी यदि कहीं शराब का अवैध कारोबार संचालित पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

तीन आबकारी निरीक्षकों पर गाज गिरना तय
जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है। अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व अपनी जांच में प्रथम दृष्टया तीन आबकारी इंस्पेक्टरों की लापरवाही पाते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट दी है। 
नगला कली, शमसाबाद और खंदौली प्रकरण की संयुक्त जांच कराई गई है। उप आबकारी आयुक्त अमर सिंह और उप जिलाधिकारी राजस्व एवं वित्त राजकुमार ने मामले की जांच की है। उन्होंने मौके पर जाकर ग्रामीणों के बयान लिए हैं। वहां के हालातों का जायजा लिया है। इलाज करने वाले चिकित्सकों से वार्ता की गई है। इससे पता चला है कि मामला जहरीली शराब का है। खंदौली में शराब की जब्त की गई है। इससे साफ हो गया कि यहां अवैध शराब बिक रही थी। इनके आधार पर लापरवाही मानी गई। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।

पीड़ितों के आंसू पोंछने नहीं गए मंत्री
अवैध शराब से नौ मौत हो जाने के बाद भी प्रदेश सरकार का कोई मंत्री पीड़ित परिवारों के आंसू पोंछने के लिए नहीं पहुंचा। जिले में दो मंत्री हैं, लेकिन किसी ने अधिकारियों से इतना तक नहीं पूछा है कि जहरीली शराब से इतनी मौत कैसे हो गई? बेमौत मरे लोगों के आश्रितों को किसी तरह की सरकारी इमदाद भी मुहैय्या नहीं कराई गई है। सपा के किसी बड़े नेता भी अभी यह इनका दुख बांटने की जरूरत महसूस नहीं की है।
काबीना मंत्री अरिदमन सिंह और राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर से पीड़ित लोग आस लगाए बैठे थे कि कोई न कोई दुख की इस घड़ी में ढांढस बंधाने जरूर आएगा। सरकार का नुमाइंदा होने के चलते उनकी नैतिक जिम्मेदारी भी बनती है। लेकिन लोगों की उम्मीद टूट गई। अभी तक मंत्री तो दूर उनके प्रतिनिधि तक गांव में नहीं पहुंचे। सपा संगठन के पदाधिकारी भी किसी पीड़ित के घर नहीं पहुंचे हैं।
 जब राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर से बात की गई तो उनका कहना था कि जिले में शराब पीकर नौ लोगों की मौत होना दुखद घटना है। इस मामले में मुख्यमंत्री से बात करेंगे और मामले की उच्चस्तरीय जांच मांग करेंगे, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। फिर चाहे वह प्रशासनिक अधिकारी हो या आबकारी अधिकारी या फिर अवैध शराब के कारोबारी।

बसपा ने की सरकार को घेरने की तैयारी
आगरा। इस मुद्दे पर बसपा के विधायक सपा सरकार को घेरने की तैयारी में लग गए हैं। एत्मादपुर के विधायक डाक्टर धर्मपाल का कहना है कि विधान सभा सत्र में सरकार से जवाब लिया जाएगा। इससे पहले मुख्य सचिव से सवाल किया जाएगा। प्रशासन से भी पूछा जाएगा कि अभी तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया है?
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