ग्रामीण इलाकों में बैंकों से रुपये निकलाने को लेकर लोगों का धैर्य टूट रहा है। इसी के चलते शुक्रवार को शमसाबाद में कैश न मिलने से गुस्साए लोगों ने ओरियंटल बैंक पर पथराव कर दिया। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने अंदर घुसकर जान बचाई। खंदौली और कुर्राचित्तरपुर में लाइन में आगे लगने के विवाद में खाताधारकों के बीच जमकर मारपीट हुई। हंगामा होते देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत किया।
शमसाबाद स्थित ओरियंटल बैंक में पिछले तीन दिन से कैश नहीं बांटा गया। शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों ने ग्यारह बजे लगभग 20 ग्राहकों को अन्दर बुला लिया। इसके बाद कोई लेनदेन नहीं किया। इससे गुस्साए लोगों ने शमसाबाद-आगरा मार्ग पर जाम लगा दिया। एक घंटे तक जाम के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। किसी भी अधिकारी के न पहुंचने पर उनका गुस्सा और भड़क गया। वे रोड से हटकर बैंक पर पहुंच गए। वहां उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। बैंक पर तैनात पुलिसकर्मियों ने अंदर घुसकर जान बचायी। पथराव से एक महिला और दो युवक घायल हो गये। सूचना पर थानाध्यक्ष शमसाबाद देवेन्द्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाकर शांत किया। लोगों ने बैंक कर्मियों पर कमीशन लेकर नोट बदलने का आरोप लगाया। मैनेजर अजय सक्सेना ने बताया कि कैश कम आने की वजह से परेशानी हो रही है।
खंदौली की पंजाब नेशनल बैंक के बाहर लगी लंबी लाइन में कुछ युवक आगे घुसने लगे। इसका विरोध करने पर मारपीट होने लगी। किसान देवेंद्र सिंह का युवकों ने सिर फोड़ दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस को देख युवक वहां से भाग गए। किसान ने युवकों के खिलाफ थाना खंदौली में तहरीर दी है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है। वहीं, कुर्राचित्तरपुर स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में भी लाइन में आगे लगने को लेकर विवाद हो गया। कुछ ही देर में लोगों के बीच मारपीट होने लगी। सूचना पर चौकी पुलिस ने थाना इरादतनगर से फोर्स बुला लिया। किसी तरह लोगों को शांत किया गया। मारपीट में घायल गढ़ी रामबल निवासी कोतवाल सिंह ने कुर्राचित्तरपुर के नीरज और चंदू पुत्रगण राजू सिंह के खिलाफ थाना इरादतनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नोटबंदी में बैंकों ने 44 हजार नए एकाउंट खोले
करंट एकाउंट में महज 50 हजार रुपये हर सप्ताह निकालने की लिमिट तय करने के बाद फैक्ट्रियों, प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों को साप्ताहिक वेतन देने में दिक्कतें आईं तो यह मौका बैंकों ने कैश कर लिया। कैश की किल्लत के बीच बैंकों ने असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के बैंक खाते खोले। 26 नवंबर से शुरू हुए कैंप में अब तक 44 हजार से ज्यादा बैंक एकाउंट खोले जा चुके हैं। इससे न केवल बैंकों को, बल्कि फैक्ट्री मालिकों को काफी राहत मिली। जिले में 1.5 लाख बैंक एकाउंट दिसंबर के अंत तक खोले जा सकते हैं।
नए एकाउंट पर भी विजिलेंस
आगरा। कैश की किल्लत को देखते हुए फैक्ट्री मालिकों ने अपने प्रतिष्ठान के कर्मचारियों के बैंक खाते तो खुलवा दिए, लेकिन बैंक इन खातों पर यह नजर भी रख रही हैं कि इनमें तनख्वाह के अलावा बड़ी रकम तो जमा नहीं की जा रही। जनधन एकाउंट में बड़ी रकम जमा होने के बाद रिजर्व बैंक ने इनमें निकासी की लिमिट 10 हजार रुपये प्रति माह कर दी थी। इससे जनधन खातों में जमा कराने वालों को जोर का झटका लगा था। नए खातों पर फिलहाल ऐसी कोई रोक नहीं। ऐसे में काला धन रखने वाले कहीं इन एकाउंट में तो पुराने नोट जमा नहीं करा रहे, इस पर पैनी निगाह रखी जा रही है।
110 कारीगरों के खुले खाते
एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फार हैंडीक्राफ्ट ने शाहगंज स्थित बगीची तुलसीराम में पच्चेकारों, कालीन कारीगरों और हस्तशिल्पियों के बैंक एकाउंट खुलवाए। ओरियंटल बैंक आफ कामर्स के सहयोग से लगाए गए कैंप में 110 कारीगरों के बैंक खाते खोले गए। बैंक ने इन्हें कैशलेस ट्रांजेक्शन, ई-पेमेंट, डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट के तरीके समझाए। इस दौरान काउंसिल के निदेशक एसके त्यागी, विकास कुलश्रेष्ठ आदि मौजूद रहे।